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बेटी को जन्म देने वाली प्रसुताओं को मिला सम्मान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 27 Jul 2017 05:28 PM IST
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प्रसुता का सम्मान करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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बेटी को जन्म देना सम्मान की बात है... एक एनजीओ ने इसी सोच के साथ आज अस्पताल में जाकर बेटियों को जन्म देने वाली प्रसुताओं का सम्मान किया है।
कोटा के रामपुरा सेटेलाइट अस्पताल में यह अभियान चलाया है नई पहल संस्था ने। संस्था की ओर से बेटियों के जन्म पर मां-बेटी का सम्मान किया जा रहा है। मिसाइल मैन अब्दुल कलाम आजाद की पुण्यतिथि पर नई पहल के सदस्यों ने शहर के रामपुरा सेटेलाइट हॉस्पिटल पहुंचकर नवजात और प्रसुताओं का सम्मान किया।
संस्था के सदस्यों ने मुंह मीठा करवाते हुए कपड़े और खिलौने भेंट किए। साथ ही, एक—एक पौधा भी उपहार में दिया गया। संस्था सदस्यों का कहना है कि पौधा जब घर के आंगन में लगेगा तो वह भी बेटी के साथ बड़ा होगा। बेटी बड़ी होकर घर को रोशन करेगी तो पौधा भी आंगन में छाया देगा। संस्था के सदस्यों ने बताया कि उनका मकसद बेटी के पैदा होने पर उसकी मां को मिलने वाले तानों के खिलाफ है। ऐसे में संस्था का प्रयास है कि बेटी के जन्म पर मां को ताना नहीं मिले बल्कि सम्मान मिले।
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कोटा के रामपुरा सेटेलाइट अस्पताल में यह अभियान चलाया है नई पहल संस्था ने। संस्था की ओर से बेटियों के जन्म पर मां-बेटी का सम्मान किया जा रहा है। मिसाइल मैन अब्दुल कलाम आजाद की पुण्यतिथि पर नई पहल के सदस्यों ने शहर के रामपुरा सेटेलाइट हॉस्पिटल पहुंचकर नवजात और प्रसुताओं का सम्मान किया।
संस्था के सदस्यों ने मुंह मीठा करवाते हुए कपड़े और खिलौने भेंट किए। साथ ही, एक—एक पौधा भी उपहार में दिया गया। संस्था सदस्यों का कहना है कि पौधा जब घर के आंगन में लगेगा तो वह भी बेटी के साथ बड़ा होगा। बेटी बड़ी होकर घर को रोशन करेगी तो पौधा भी आंगन में छाया देगा। संस्था के सदस्यों ने बताया कि उनका मकसद बेटी के पैदा होने पर उसकी मां को मिलने वाले तानों के खिलाफ है। ऐसे में संस्था का प्रयास है कि बेटी के जन्म पर मां को ताना नहीं मिले बल्कि सम्मान मिले।
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