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सरकार का 'गुरूर' तोड़ने के लिए 'गुरू' बने तिवाड़ी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 03 Mar 2017 10:35 AM IST
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विधायक घनश्याम तिवाड़ी
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भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी गुरूवार को राजस्थान विधानसभा में अपनी ही पार्टी की सरकार पर बरसे। कई मुद्दों पर सरकार की खिंचाई करते हुए तिवाड़ी ने राज्यपाल के अभिभाषण में रही लिपिकीय त्रुटियों के बहाने यहां तक कह दिया कि 'गुरूर' को गुरु ही तोड़ता है। सत्ता का 'गुरूर' सुधार लिया जाए तो उसे तोड़ने की जरुरत ही नहीं पड़ेगी।
विधायक घनश्याम तिवाड़ी अपनी ही पार्टी की सरकार की खिंचाई को लेकर चर्चाओं में रहते है। दो दिन से वे विधानसभा में नहीं बोलने का आरोप लगाकर बयानबाजी कर रहे थे। गुरूवार को उन्हे अभिभाषण पर बोलने का मौका मिला तो कई मामलों पर सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने आरक्षण के मामले में अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकार को साफ-साफ बताना चाहिए कि वह दोनों बिलों को लेकर सरकार क्या कार्यवाही करने जा रही है। आन्दोलन की स्थितियां बने, सरकार को इससे पहले प्रभावी कदम उठाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार चाहे तो राजस्थान में हर वर्ग के आरक्षण की अधिकतम सीमा तय करने का कानून पारित कर सकती है।
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तिवाड़ी ने कहा कि पद्मावती विवाद पर कहा कि जो स्थिति बनी वह बहुत दुखद थी, लेकिन इस मामले में पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर भी गलत जानकारी दी गई। उसने पद्मावती को खिलजी की प्रेमिका बता दिया था। जिसे विवाद के बाद हटा दिया गया।
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विधायक घनश्याम तिवाड़ी अपनी ही पार्टी की सरकार की खिंचाई को लेकर चर्चाओं में रहते है। दो दिन से वे विधानसभा में नहीं बोलने का आरोप लगाकर बयानबाजी कर रहे थे। गुरूवार को उन्हे अभिभाषण पर बोलने का मौका मिला तो कई मामलों पर सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने आरक्षण के मामले में अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि सरकार को साफ-साफ बताना चाहिए कि वह दोनों बिलों को लेकर सरकार क्या कार्यवाही करने जा रही है। आन्दोलन की स्थितियां बने, सरकार को इससे पहले प्रभावी कदम उठाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार चाहे तो राजस्थान में हर वर्ग के आरक्षण की अधिकतम सीमा तय करने का कानून पारित कर सकती है।
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तिवाड़ी ने कहा कि पद्मावती विवाद पर कहा कि जो स्थिति बनी वह बहुत दुखद थी, लेकिन इस मामले में पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर भी गलत जानकारी दी गई। उसने पद्मावती को खिलजी की प्रेमिका बता दिया था। जिसे विवाद के बाद हटा दिया गया।