{"_id":"59ad51124f1c1b6e6a8b4a29","slug":"fourth-year-abvp-fail-in-student-elections","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सरकार भी नहीं करवा पाई बेड़ा पार, आरयू में फिर हारी एबीवीपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार भी नहीं करवा पाई बेड़ा पार, आरयू में फिर हारी एबीवीपी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 04 Sep 2017 07:23 PM IST
विज्ञापन
abvp flag
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान में भले ही सरकार भारतीय जनता पार्टी की हो, लेकिन उसका फायदा उठाने में उससे जुड़ा छात्र संगठन नाकाम रहा है। लगातार चौथा साल है, जब एबीवीपी को राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनावों में सफलता नहीं मिल पाई है। ऐसे में अब एबीवीपी संगठन के टिकट वितरण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।
लगातार चौथा साल है जब राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के प्रत्याशी असफल रहे हैं। इस बार एबीवीपी के उम्मीदवार संजय माचेड़ी को एबीवीपी के ही बागी पवन यादव ने हराया। वहीं पिछले साल एबीवीपी के उम्मीदवार अखिलेश पारीक को एबीवीपी के बागी अंकित धायल ने हराया। मजेदार बात यह रही कि अखिलेश इस बार बागी पवन यादव के साथ खड़े नजर आए। इससे पहले एनएसयूआई को सतवीर चौधरी और उससे पहले अनिल चौपड़ा अध्यक्ष पद पर काबिज रह चुके हैं।
उधर अब संगठन के टिकट बांटने और उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह लगातार दूसरा साल है जब एबीवीपी के बागी ही उसके उम्मीदवारों को हरा रहे हैं। इस साल टिकट नहीं मिलने के बाद पवन यादव ने भी संगठन पर कई तरह के आरोप लगाए थे।
विज्ञापन
राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद लगातार चौथा साल है, जब एबीवीपी को हार का सामना करना पड़ा है।
विज्ञापन
लगातार चौथा साल है जब राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के प्रत्याशी असफल रहे हैं। इस बार एबीवीपी के उम्मीदवार संजय माचेड़ी को एबीवीपी के ही बागी पवन यादव ने हराया। वहीं पिछले साल एबीवीपी के उम्मीदवार अखिलेश पारीक को एबीवीपी के बागी अंकित धायल ने हराया। मजेदार बात यह रही कि अखिलेश इस बार बागी पवन यादव के साथ खड़े नजर आए। इससे पहले एनएसयूआई को सतवीर चौधरी और उससे पहले अनिल चौपड़ा अध्यक्ष पद पर काबिज रह चुके हैं।
विज्ञापन
उधर अब संगठन के टिकट बांटने और उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह लगातार दूसरा साल है जब एबीवीपी के बागी ही उसके उम्मीदवारों को हरा रहे हैं। इस साल टिकट नहीं मिलने के बाद पवन यादव ने भी संगठन पर कई तरह के आरोप लगाए थे।
विज्ञापन
राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद लगातार चौथा साल है, जब एबीवीपी को हार का सामना करना पड़ा है।
कितने वोटों से रही पीछे
जीत के बाद पवन यादव
- फोटो : अमर उजाला
पवन यादव (बागी एबीवीपी) -5359 (जीते)
संजय माचैड़ी (एबीवीपी) -2703
दीपक कुमार मीणा (एनएसयूआई) -2552
संजय माचैड़ी (एबीवीपी) -2703
दीपक कुमार मीणा (एनएसयूआई) -2552