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आठ साल पहले जमीन से निकले ये भगवान इस हाल में मिले
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 08 Sep 2017 03:49 PM IST
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लक्ष्मीनारायण की मूर्ति
- फोटो : amar ujala
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आठ साल पहले जमीन से निकले लक्ष्मीनारायण भगवान आज गांव में ही मिल गए। इसकी सूचना मिलते ही लोगों की यहां दर्शन करने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।
मामला उदयपुर संभाग के चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली थाना क्षेत्र का है। यहां के बिछोर गांव के मंदिर से करीब डेढ साल पहले चोरी हुई लक्ष्मीनारायण की प्रतिमा गांव के तेजाजी स्थानक पर रखी मिली। मूर्ति के मिलने की सूचना से ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई और वे प्रभु की मूरत के दर्शन करने पहुंच गए। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच मूर्ति को कब्जे में लिया और थाने में रखवा दिया।
पुलिस के अनुसार बिछौर गांव के लक्ष्मीनाथ मंदिर से 18 मार्च 2016 को लक्ष्मीनारायण की प्राचीन मूर्ति चोरी हो गई थी। जिसकी रिपोर्ट पारसोली थाने में पुजारी आनंदीराम ने थी। करीब डेढ़ साल बाद वहीं मूर्ति बिछोर चौराहा के पास स्थित तेजाजी के स्थान के पास मिली।
गौरतलब है कि यह प्रतिमा गांव के शिवालय परिसर में बन रहे आंगनबाड़ी भवन की नींव खुदाई के दौरान 10 मार्च 2009 को निकली थी। इसे ग्रामीणों ने लक्ष्मीनाथ मंदिर में रखवा दिया था।
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मामला उदयपुर संभाग के चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली थाना क्षेत्र का है। यहां के बिछोर गांव के मंदिर से करीब डेढ साल पहले चोरी हुई लक्ष्मीनारायण की प्रतिमा गांव के तेजाजी स्थानक पर रखी मिली। मूर्ति के मिलने की सूचना से ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई और वे प्रभु की मूरत के दर्शन करने पहुंच गए। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच मूर्ति को कब्जे में लिया और थाने में रखवा दिया।
पुलिस के अनुसार बिछौर गांव के लक्ष्मीनाथ मंदिर से 18 मार्च 2016 को लक्ष्मीनारायण की प्राचीन मूर्ति चोरी हो गई थी। जिसकी रिपोर्ट पारसोली थाने में पुजारी आनंदीराम ने थी। करीब डेढ़ साल बाद वहीं मूर्ति बिछोर चौराहा के पास स्थित तेजाजी के स्थान के पास मिली।
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गौरतलब है कि यह प्रतिमा गांव के शिवालय परिसर में बन रहे आंगनबाड़ी भवन की नींव खुदाई के दौरान 10 मार्च 2009 को निकली थी। इसे ग्रामीणों ने लक्ष्मीनाथ मंदिर में रखवा दिया था।
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