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वासुदेव का फॉर्मूला बदल सकता है देश की शिक्षण व्यवस्था
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 02 Mar 2017 04:39 PM IST
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वासुदेव देवनानी
- फोटो : demo pic
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राजस्थान के स्कूली शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी अपने सुझावों और बयान के कारण सुर्खियों में बने रहते है। देवनानी जो कि केन्द्र सरकार को शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए सुझाव देने वाली कमेटी सेन्ट्रल एडवाजरी बोर्ड आॅफ एजूकेशन के प्रमुख सदस्य भी है।
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उन्होंने कमेटी को सुझाव दिया है कि आठवीं कक्षा तक के कोर्स में से वल्ड अफेयर सबंधी पार्ट को हटा दिया जाए। इसके स्थान पर स्थानीय इतिहास,संस्कृति,शासन व्यवस्था को प्रमुखता से सम्मलित किया जाए। यदि कमेटी देवनानी केे इस सुझाव को मान लेती है तो देश की प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा में काफी बड़ा बदलाव हो सकता है।
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गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने स्कूली शिक्षा के कोर्सेज में इस प्रकार का बदलाव प्रारंभ कर दिया है। देवनानी का कहना है राज्य में नई व्यवस्था के मुताबिक पांचवी कक्षा तक के कोर्स में करीब 75 फीसदी शिक्षण सामग्री राज्य से सबंधित है। जबकि 25 फीसदी सामग्री देश से सबंधित है।
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वहीं कक्षा छह से आठ तक के कोर्स में यह अनुपात 50—50 का होगा। वहीं वल्ड अफेयर से सबंधित पढ़ाई कक्षा नौ से प्रारंभ होगी। शिक्षा मंत्री का कहना है कि यही सुझाव उन्होंने कमेटी को दिए है। इन सुझावों के प्रति उन्हें कमेटी की ओर से सकारात्मक रुख देखने को मिला है।
वहीं देवनानी का कहना है कि वर्तमान भाजपा सरकार राजस्थान को एजूकेशन हब बनाने के प्रति प्रतिबद्ध् है। इसी संदर्भ में आठ व नौ अप्रेल को एजूकेशन फेस्टिवल भी आयोजित होने जा रहा है। यह कार्यक्रम दुबई स्थित एक एनजीओे के साथ मिलकर किया जा रहा है। जिसमें सेमीनार व अन्य कार्यक्रम भी होंगे।