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विदेशी मैम का दिल आया, बदल गई इस युवक की लाइफ
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 30 Jun 2017 04:08 PM IST
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कोडीन और सुधीर
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भारत के इस युवक की चार साल पहले फ्रांस में वहां की युवती से मुलाकात हुई। दोस्ती प्यार में बदल गई और अब दोनों ने एक—दूसरे दूजे का हाथ थाम लिया। शादी भारतीय परम्परा के अनुसार हुई।
राजस्थान के भरतपुर का रहने वाला ट्यूरिस्ट गाइड सुधीर करीब चार साल पहले फ्रांस गया था। इस दौरान वहां उसकी मुलाकात एक युवती कोडीन से हुई। कोडीन भी ट्यूरिस्ट गाइड है। सुधीर और कोडीन की यह दोस्ती प्यार में बदल गई और फिर दोनों ने एक—दूजे का हाथ थामने का फैसला किया। दोनों ने भरतपुर में सारस चौराहे स्थित एक मैरिज गार्डन में जीवन—भर साथ निभाने का फैसला लेते शादी कर ली।
कोडिन भले ही इंडियन कल्चर से वाकिफ ना हो, लेकिन उसे इस बात का पूरा विश्वास है कि भरतपुर का सुधीर उसे खुश रखेगा। इसी सोच के साथ दोनों ने शादी का फैसला किया। इसके लिए उसने अपने परेंट्स से पहले अनुमति भी ली, जिसके बाद सुधीर के परिजन दुल्हन के घरवालों से मिले। तब जाकर यह शादी तय हुई।
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राजस्थान के भरतपुर का रहने वाला ट्यूरिस्ट गाइड सुधीर करीब चार साल पहले फ्रांस गया था। इस दौरान वहां उसकी मुलाकात एक युवती कोडीन से हुई। कोडीन भी ट्यूरिस्ट गाइड है। सुधीर और कोडीन की यह दोस्ती प्यार में बदल गई और फिर दोनों ने एक—दूजे का हाथ थामने का फैसला किया। दोनों ने भरतपुर में सारस चौराहे स्थित एक मैरिज गार्डन में जीवन—भर साथ निभाने का फैसला लेते शादी कर ली।
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कोडिन भले ही इंडियन कल्चर से वाकिफ ना हो, लेकिन उसे इस बात का पूरा विश्वास है कि भरतपुर का सुधीर उसे खुश रखेगा। इसी सोच के साथ दोनों ने शादी का फैसला किया। इसके लिए उसने अपने परेंट्स से पहले अनुमति भी ली, जिसके बाद सुधीर के परिजन दुल्हन के घरवालों से मिले। तब जाकर यह शादी तय हुई।
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हिंदू रीति—रिवाज से संपन्न हुआ शादी समारोह
marriage
बृहस्पतिवार को हुई इस शादी में कोडीन के घरवाले भी खुशी—खुशी शामिल हुए। बारात में जमकर डांस भी किया। लाल जोड़े में सजी—धजी इस विदेशी दुल्हन को देखने के लिए भी यहां लोगों को तांता लगा रहा। हर कोई उसकी तारीफ करता नजर आया।
हिंदू रीति—रिवाज से हुई शादी में कोडीन ने सुधीर के गले में वरमाला डाली। इसके बाद रिसेप्शन हुआ और फिर दोनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए। इस दौरान दोनों ने एक—दूसरे का जीवनभर साथ निभाने के लिए सात वचन भी लिए।
गौरतलब है कि इससे पहले सीकर में भी ऐसी ही शादी हुई थी, जहां दूल्हा डॉ. कैलाश देशी था वहीं दुल्हन डॉक्टर विक्टोरिया विदेशी थी। कैलाश एमबीबीएस की पढ़ाई करने युक्रेन गए थे, तभी दोनों की मुलाकात हुई थी। वहीं, जोधपुर का रहने वाला इंजीनियर नीतेश भी ब्राजील की रहने वाली हेलोइसा के साथ सात फेरे ले चुका है।
हिंदू रीति—रिवाज से हुई शादी में कोडीन ने सुधीर के गले में वरमाला डाली। इसके बाद रिसेप्शन हुआ और फिर दोनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए। इस दौरान दोनों ने एक—दूसरे का जीवनभर साथ निभाने के लिए सात वचन भी लिए।
गौरतलब है कि इससे पहले सीकर में भी ऐसी ही शादी हुई थी, जहां दूल्हा डॉ. कैलाश देशी था वहीं दुल्हन डॉक्टर विक्टोरिया विदेशी थी। कैलाश एमबीबीएस की पढ़ाई करने युक्रेन गए थे, तभी दोनों की मुलाकात हुई थी। वहीं, जोधपुर का रहने वाला इंजीनियर नीतेश भी ब्राजील की रहने वाली हेलोइसा के साथ सात फेरे ले चुका है।