{"_id":"5919a9e04f1c1bce3bf22bc0","slug":"for-the-strengthening-of-democracy-3-d-is-necessary-pranab-mukharjee","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकतंत्र की मजबूती के लिए 'थ्री डी' आवश्यक - प्रणब मुखर्जी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकतंत्र की मजबूती के लिए 'थ्री डी' आवश्यक - प्रणब मुखर्जी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 15 May 2017 06:45 PM IST
विज्ञापन
प्रणब मुखर्जी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि डिबेट (बहस), डिसेन्ट (असहमति) और डिसीजन (निर्णय) देश की संसदीय प्रणाली की विशेषता है, जो हमारे लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए आवश्यक है।
मुखर्जी सोमवार को यहां बिडला सभागार में प्रथम भैरोंसिंह शेखावत स्मृति व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता के रूप में अपना उद्बोधन दे रहे थे। समारोह में सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग को जन सेवा के क्षेत्र में प्रथम भैरोंसिंह शेखावत मेमोरियल लाइफटाईम एचीवमेंट सम्मान प्रदान किया गया। राष्ट्रपति ने कहा कि इस संसदीय परम्परा के जरिए देश की संसद एवं 29 राज्यों की विधानसभाओं द्वारा जो निर्णय किया जाता है, वह किसी एक पार्टी का नहीं होता, पक्ष-विपक्ष का नहीं होता, बल्कि वह जनता का, समूचे राज्य का एवं पूरे राष्ट्र का निर्णय बन जाता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं मजबूत संसदीय परम्पराओं के कारण भारत पूरे विश्व में एक रोल मॉडल है। हमारी संसदीय प्रणाली ने सांसदों एवं विधायकों को कई शक्तियां दी हैं, जिनका उपयोग उन्हें जन सेवा के लिए सही रूप में करना चाहिए।
विज्ञापन
राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि जब आजादी के पहले के समय के कानून निर्माण सीमित अधिकारों के बावजूद जनता की भलाई के लिए काफी कुछ कर गए तो आज के हमारे सांसद, विधायक एवं विधान परिषद् सदस्य बहुत कुछ कर सकते हैं।
राष्ट्रपति ने सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग की प्रशासनिक दक्षता एवं सोच की तारीफ की। साथ ही, पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरोंसिंह शेखावत के साथ मधुर सम्बन्धों का जिक्र भी किया।
राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा है कि पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरों सिंह शेखावत जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति थे और वे जन नेता के साथ-साथ दूर दृष्टि रखने वाले कुशल प्रशासक भी थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान के समग्र कल्याण के लिए स्व. शेखावत ने अनेक योजनाएं शुरू की। अंत्योदय योजना की विश्व बैंक ने सराहना की और देश में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरी। इस योजना को अनेक राज्यों में भी लागू किया।
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति स्वर्गीय भैरों सिंह शेखावत राजनीति का चलता फिरता विद्यालय थे, जिन्होंने अपनी नीतियों और योजनाओं के जरिये आम गरीब व्यक्ति के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे उनका आशीर्वाद मिला और मैंने उनसे राजनीति में बहुत कुछ सीखा। भैरों सिंह ऎसे राजनेता थे जो शत्रु नहीं बनाते थे और उनके मित्र सभी राजनीतिक दलों में थे।
पंजाब के राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर ने कहा कि शेखावत विरोधियों की बात को गहराई से सुनते थे। उन्होंने सांगानेर एयरपोर्ट का नाम स्व. शेखावत के नाम से करने का आग्रह किया।
सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने कहा कि शेखावत का व्यक्तित्व एवं कृतित्व हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है, उनकी सोच विकासोन्मुखी थी। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शेखावत को नेक व निर्भीक नेता बताया।
विज्ञापन
मुखर्जी सोमवार को यहां बिडला सभागार में प्रथम भैरोंसिंह शेखावत स्मृति व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता के रूप में अपना उद्बोधन दे रहे थे। समारोह में सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग को जन सेवा के क्षेत्र में प्रथम भैरोंसिंह शेखावत मेमोरियल लाइफटाईम एचीवमेंट सम्मान प्रदान किया गया। राष्ट्रपति ने कहा कि इस संसदीय परम्परा के जरिए देश की संसद एवं 29 राज्यों की विधानसभाओं द्वारा जो निर्णय किया जाता है, वह किसी एक पार्टी का नहीं होता, पक्ष-विपक्ष का नहीं होता, बल्कि वह जनता का, समूचे राज्य का एवं पूरे राष्ट्र का निर्णय बन जाता है।
विज्ञापन
राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं मजबूत संसदीय परम्पराओं के कारण भारत पूरे विश्व में एक रोल मॉडल है। हमारी संसदीय प्रणाली ने सांसदों एवं विधायकों को कई शक्तियां दी हैं, जिनका उपयोग उन्हें जन सेवा के लिए सही रूप में करना चाहिए।
विज्ञापन
राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि जब आजादी के पहले के समय के कानून निर्माण सीमित अधिकारों के बावजूद जनता की भलाई के लिए काफी कुछ कर गए तो आज के हमारे सांसद, विधायक एवं विधान परिषद् सदस्य बहुत कुछ कर सकते हैं।
राष्ट्रपति ने सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग की प्रशासनिक दक्षता एवं सोच की तारीफ की। साथ ही, पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरोंसिंह शेखावत के साथ मधुर सम्बन्धों का जिक्र भी किया।
राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा है कि पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरों सिंह शेखावत जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति थे और वे जन नेता के साथ-साथ दूर दृष्टि रखने वाले कुशल प्रशासक भी थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान के समग्र कल्याण के लिए स्व. शेखावत ने अनेक योजनाएं शुरू की। अंत्योदय योजना की विश्व बैंक ने सराहना की और देश में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरी। इस योजना को अनेक राज्यों में भी लागू किया।
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति स्वर्गीय भैरों सिंह शेखावत राजनीति का चलता फिरता विद्यालय थे, जिन्होंने अपनी नीतियों और योजनाओं के जरिये आम गरीब व्यक्ति के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे उनका आशीर्वाद मिला और मैंने उनसे राजनीति में बहुत कुछ सीखा। भैरों सिंह ऎसे राजनेता थे जो शत्रु नहीं बनाते थे और उनके मित्र सभी राजनीतिक दलों में थे।
पंजाब के राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर ने कहा कि शेखावत विरोधियों की बात को गहराई से सुनते थे। उन्होंने सांगानेर एयरपोर्ट का नाम स्व. शेखावत के नाम से करने का आग्रह किया।
सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने कहा कि शेखावत का व्यक्तित्व एवं कृतित्व हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है, उनकी सोच विकासोन्मुखी थी। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शेखावत को नेक व निर्भीक नेता बताया।