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लापरवाही ने ली जान, स्वाइन फ्लू रिपोर्ट में पहले बताया पॉजीटिव और फिर नेगेटिव
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 03 Sep 2017 03:11 PM IST
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उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय में उपचार के दौरान लापरवाही ने फिर एक स्वाइन फ्लू मरीज की जान ले ली। मामले में अब पीड़ित पति ने रवींद्रनाथ टैगोर राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य को पत्र लिखकर लापरवाही का आरोप लगाया है।
दरअसल, बांसवाड़ा निवासी हेमराज सिंह की पत्नी संगीता (45) को गंभीर हालत में 30 अगस्त को महात्मा गांधी चिकित्सालय, बांसवाड़ा से उदयपुर रैफर किया गया था। यहां उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय में जांच में संगीता को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया। इसकी रिपोर्ट हेमराज को वाट्स-एप पर मिली। रिपोर्ट के आधार पर 31 अगस्त को संगीता को वेंटिलेटर पर लिया गया।
इसके बाद 1 सितम्बर को लिए गए दूसरे नमूने की जांच में संगीता को स्वाइन फ्लू नेगेटिव पाया गया। इस पर वार्ड में नियुक्त चिकित्सकों ने संगीता को तत्काल वेंटिलेटर से हटा दिया। साथ ही उसे इमरजेंसी आईसीयू में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। इमरजेंसी आईसीयू में शिफ्ट करने से पहले संगीता को सांस लेने में तकलीफ हुई और इसके बाद आए अटैक के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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दरअसल, बांसवाड़ा निवासी हेमराज सिंह की पत्नी संगीता (45) को गंभीर हालत में 30 अगस्त को महात्मा गांधी चिकित्सालय, बांसवाड़ा से उदयपुर रैफर किया गया था। यहां उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय में जांच में संगीता को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया। इसकी रिपोर्ट हेमराज को वाट्स-एप पर मिली। रिपोर्ट के आधार पर 31 अगस्त को संगीता को वेंटिलेटर पर लिया गया।
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इसके बाद 1 सितम्बर को लिए गए दूसरे नमूने की जांच में संगीता को स्वाइन फ्लू नेगेटिव पाया गया। इस पर वार्ड में नियुक्त चिकित्सकों ने संगीता को तत्काल वेंटिलेटर से हटा दिया। साथ ही उसे इमरजेंसी आईसीयू में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। इमरजेंसी आईसीयू में शिफ्ट करने से पहले संगीता को सांस लेने में तकलीफ हुई और इसके बाद आए अटैक के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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पहले भी लगे ऐसे ही आरोप
भानुकुमार शास्त्री द्वारा लिखा गया था ये पत्र
- फोटो : amar ujala
पति हेमराज ने बताया गया कि चिकित्सकों ने दो बार जांच करवाई थी। उसकी पत्नी को पहले स्वाइन फ्लू पॉजीटिव और दूसरे नमूने में नेगेटिव बताया गया था। दूसरे नमूने की रिपार्ट आने के बाद सांस लेने में तकलीफ के बावजूद उसकी पत्नी को वेंटिलेटर से हटा दिया। साथ ही उसे सामान्य वार्ड में शिफ्ट करने का दबाव बनाया। इस मामले में महाराणा भूपाल चिकित्सालय के अधीक्षक डाॅ. विनय जोशी का कहना है कि सिर्फ केवल नेगेटिव रिपोर्ट के आधार पर रोगी को वेंटीलेटर से हटाने का निर्णय जांच का विषय है। रोगी को तत्काल उचित चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए थी।
गौरतलब है कि इससे पहले उदयपुर के पूर्व सांसद भानुकुमार शास्त्री के भाई की पत्नी की स्वाइन फ्लू से मृत्यु होने के मामले में भी चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगे थे। इस मामले में सीएम वसुंधरा राजे को भी उन्होंने पत्र लिखा था।
गौरतलब है कि इससे पहले उदयपुर के पूर्व सांसद भानुकुमार शास्त्री के भाई की पत्नी की स्वाइन फ्लू से मृत्यु होने के मामले में भी चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगे थे। इस मामले में सीएम वसुंधरा राजे को भी उन्होंने पत्र लिखा था।