फेस्टिवल आॅफ एजुकेशन: मुबारक और मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ, दुनियाभर से जुटे शिक्षाविद्
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इसका आगाज आज सुबह यूएई के संस्कृति मंत्री शेख मुबारक और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दीप प्रज्जवलन कर किया। जयपुर एक्जीबिशन एवं कन्वेंशन सेंटर में प्रारंभ हुए इस दो दिवसीय फेस्टिवल में दुनियाभर के शिक्षाविद् सम्मलित हो रहे हैं।
फेस्टिवल में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी पहुंच चुके हैं। फेस्टिवल में सहारा प्रमुख सुब्रत राय सहारा सहित देश नामी बिजनेसमैन व सेलिब्रिटी भी सम्मलित हो रहे हैं। फेस्टिवल ऑफ एजुकेशन देश का पहला ऐसा शैक्षिक आयोजन होगा।
इसमें विश्व स्तर पर शिक्षा क्षेत्र में हो रहे नवीनतम परिवर्तनों को एक मंच पर देखा जा सकेगा। जिसमें शैक्षिक नीति निर्माता, विद्यार्थी और शिक्षकों के साथ ही अभिभावकों के लिए भी बहुत कुछ दर्शनीय, सुनने लायक और नया अनुभव करने लायक है।
देश में अपने तरह का पहला आयोजन
इसके जरिए कॉरपोरेट सोशल रेस्पोन्सिबलिटी के तहत कॉरपोरेट, दानदाता और स्वयंसेवी संस्थान राज्य के विद्यालयों के विकास के लिए ऑनलाईन सहयोग कर सकेंगे। सहयोग राशि आयकर अधिनियम की धारा 80 जी के तहत आयकर मुक्त होगी।
भविष्य संवारने का प्रयास, सत्रों में बरसेगी ज्ञानगंगा
फेस्टिवल ऑफ इण्डिया के पहले दिन दोपहर के सत्र में एक समय में परम्परा के साथ बदलाव कैसे किया जा सकता है। राजकीय विद्यालयों को और अधिक बेहतर, विद्यालयों के बगैर शिक्षा का भविष्य विषयों पर महत्वपूर्ण संवाद होंगे।
इनमें भारत सरकार के मानव संसाधन विकास विभाग के सचिव अनिल स्वरूप, जेम्स के समूह प्रधान टोनी लिटल, केनेडियन एजूकेशन सेंटर की पूर्व निदेशक मारिया मथई, स्टार्ट अप विलेज के संस्थापक अध्यक्ष संजय विजय कुमार, हाउस ऑफ लोर्ड्स के सदस्य और यूनिवर्सिटी ऑफ इस्ट लंदन के कुलपति प्रोफेसर लोर्ड पटेल, सेंट मेरी यूनिवर्सिटी के प्रो. सर माईकल विल्स, स्टडी हाल एजूकेशन फाउण्डेशन की संस्थापक अध्यक्ष उर्वशी साहनी, वसंत वेली स्कूल के निदेशक डॉ. अरूण कपूर, सुप्रसिद्ध लेखक और मोटिवेटर डायना मार्टिन आदि शैक्षिक परिवर्तनों, भविष्य की शिक्षा आदि पर मंथन होगा।