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किसान आंदोलन: राजस्थान में किसानों का महापड़ाव, जोधपुर बना केन्द्र

Thu, 15 Jun 2017 04:43 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 15 Jun 2017 04:43 PM IST
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farmer protest start in rajasthan, state government alert
किसान आंदोलन प्रारंभ

भारतीय किसान संघ के बैनर तले बृहस्पतिवार को राजस्थान के सात संभाग मुख्यालयों जयपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, जोधपुर और भरतपुर में किसानों का महापड़ाव शुरु हो गया है। सबसे ज्यादा संख्या में किसान जोधपुर में आयोजित धरने में जुटे है।

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जोधपुर के महापड़ाव में 50 हजार से ज्यादा किसान पहुंचने के दावे किए जा रहे है। इसे देखते हुए सरकार ने वहां पुलिस और जिला प्रशासन को चाक चौबंद रहने के खास निर्देश जारी किए हैं। यहां 250 से अधिक पुलिस अधिकारियों के साथ एक हजार पुलिस के जवान तैनात है। 
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राजधानी जयपुर में मानसरोवर वीटी रोड़ पर किसानों का महापड़ाव चल रहा है। इस महापड़ाव में जयपुर, सीकर, झुंझुनू, दौसा आदि जिलों के किसान शामिल हुए है। 
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हाडौती में किसान आंदोलन पहले से जारी है। अब यहां भारतीय किसान संघ के आह्वान पर कोटा में संभागीय मुख्यालय कार्यालय के बाहर किसानों ने पड़ाव डाल दिया। इससे पहले यहां रैली निकाली गई और जमकर नारेबाजी की। यहां आंदोलन को कमजोर करने के लिए राज्य के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी भी दो दिन से डेरा डाले हुए है। दूसरी तरफ मंदसौर किसान आंदोलन के समर्थन में भारतीय किसान संघ की ओर से जारी आंदोलन के तहत यहां किसानों ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया। हाड़ौती किसान संघ भी आंदोलन तेज करने की रणनीति में जुटा हुआ है। इधर कांग्रेस भी एकजुट होकर इटावा में मां सभा करने की तैयारी में जुट गई है जिसमें पीसीसी चीफ सचिन पायलट पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के कई दिग्गज नेता इस किसान सभा में शामिल होंगे।

उदयपुर में भी संभाग मुख्यालय पर रैली के बाद किसानों का महापड़ाव शुरू हो गया है। इसी तरह बीकानेर, भरतपुर और अजमेर भी किसान आंदोलन की राह पर है। 

ये है किसानों की प्रमुख मांगें 

— किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए।
— विद्युत नीति में किसान हित को ध्यान में रखते हुए बदलाव किया जाए। किसानों के खिलाफ एक तरफा कार्रवाई को रोका जाए।
— जीएम बीज (सरसों सहित) को प्रतिबंधित किया जाए।  
— हर खेत में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। 
— कृषि उत्पाद का लागत के आधार पर समर्थन मूल्य घोषित कर सरकारी खरीद करने की मांग को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। 

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