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फर्जी नाम से आवंटित मुआवजा भूमि वाड्रा की कथित कंपनी को बेचने वालों को रिमाण्ड
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 22 Dec 2017 08:08 PM IST
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robert vadra
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सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कथित कंपनी से जुड़े जमीन घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दो लोगों को अरेस्ट किया है। आरोपियों को आज जयपुर में अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को 10 दिन की रिमाण्ड पर भेज दिया गया।
ईडी ने साम्प्रदायिक दंगा मामलों की विशेष एडीजे कोर्ट में आरोपियों को पेशकर पूछताछ के लिए 10 दिन का रिमांड मांगा। इस पर दोनों आरोपियों को 30 दिसंबर तक रिमांड पर सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने राजस्थान के चर्चित बीकानेर घोटाले के मामले में अशोक कुमार और जय प्रकाश को गिरफ्तार किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि महाजन फायरिंग रेंज के लिए केन्द्र सरकार की ओर से भूमि अवाप्ति की गई। इसके बदले मुआवजे के तौर पर प्रभावितों को भूमि दी गई, लेकिन आरोपियों ने फर्जी लोगों के नाम आवंटन पत्र जारी करा लिए और बाद में भूमि को रॉबर्ट वाड्रा की स्काईलाइन कंपनी सहित अन्य कई कंपनियों को बेचा गया। इसे लेकर बीकानेर के कोलायत और गजनेर थाने में आरोपी जयप्रकाश के खिलाफ 18 और अशोक के खिलाफ 2 मामले दर्ज हैं।
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आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन सहयोग नहीं करने पर इन्हें गिरफ्तार किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि करोडों रुपए का लेनदेन की पूछताछ आरोपियों से करनी है। ऐसे में उन्हें दस दिन का रिमांड दिया जाए।
जिसका विरोध करते हुए बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि सभी मामलों में आरोपियों को जमानत मिल चुकी है और अदालत में आरोप पत्र भी पेश किया जा चुका है। इसके अलावा किसी दस्तावेज पर भी आरोपियों के हस्ताक्षर नहीं है। ईडी यह भी नहीं बता रहा है कि आरोपियों ने कितनी राशि का लेनदेन किया है। ऐसे में उन्हें रिमांड पर नहीं सौंपा जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को तीस दिसंबर तक ईडी को सौंप दिया है।
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ईडी ने साम्प्रदायिक दंगा मामलों की विशेष एडीजे कोर्ट में आरोपियों को पेशकर पूछताछ के लिए 10 दिन का रिमांड मांगा। इस पर दोनों आरोपियों को 30 दिसंबर तक रिमांड पर सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने राजस्थान के चर्चित बीकानेर घोटाले के मामले में अशोक कुमार और जय प्रकाश को गिरफ्तार किया है।
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अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि महाजन फायरिंग रेंज के लिए केन्द्र सरकार की ओर से भूमि अवाप्ति की गई। इसके बदले मुआवजे के तौर पर प्रभावितों को भूमि दी गई, लेकिन आरोपियों ने फर्जी लोगों के नाम आवंटन पत्र जारी करा लिए और बाद में भूमि को रॉबर्ट वाड्रा की स्काईलाइन कंपनी सहित अन्य कई कंपनियों को बेचा गया। इसे लेकर बीकानेर के कोलायत और गजनेर थाने में आरोपी जयप्रकाश के खिलाफ 18 और अशोक के खिलाफ 2 मामले दर्ज हैं।
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आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन सहयोग नहीं करने पर इन्हें गिरफ्तार किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि करोडों रुपए का लेनदेन की पूछताछ आरोपियों से करनी है। ऐसे में उन्हें दस दिन का रिमांड दिया जाए।
जिसका विरोध करते हुए बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि सभी मामलों में आरोपियों को जमानत मिल चुकी है और अदालत में आरोप पत्र भी पेश किया जा चुका है। इसके अलावा किसी दस्तावेज पर भी आरोपियों के हस्ताक्षर नहीं है। ईडी यह भी नहीं बता रहा है कि आरोपियों ने कितनी राशि का लेनदेन किया है। ऐसे में उन्हें रिमांड पर नहीं सौंपा जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को तीस दिसंबर तक ईडी को सौंप दिया है।
मुआवजे की जमीन को यूं बेची
जमीन
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, बीकानेर में जमीन अवाप्ति हुई थी। इस दौरान कुछ लोगों ने मुआवजा भूमि का फर्जी लोगों के नाम आवंटन पत्र जारी करवाकर ये जमीन विभिन्न कंपनियों को बेचने का घोटाला सामने आया था। जिन कंपनियों को जमीन बेची गई उनमें राबर्ट वाड्रा के स्वामित्व वाली कंपनी स्काईलाइट भी थी।
बाद में इन कंपनियों ने औने-पौने दामों में खरीदी ये जमीन भारी मुनाफा कमाकर बेची गई। बताया जा रहा है कि स्काईलाइट कम्पनी में जमीन खरीदने का अधिकार महेश के पास था और ये खरीद उसके माध्यम से हुई है। आरोपियों ने उसे जमीन बेची थी।
बाद में इन कंपनियों ने औने-पौने दामों में खरीदी ये जमीन भारी मुनाफा कमाकर बेची गई। बताया जा रहा है कि स्काईलाइट कम्पनी में जमीन खरीदने का अधिकार महेश के पास था और ये खरीद उसके माध्यम से हुई है। आरोपियों ने उसे जमीन बेची थी।