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नहीं मिल पाई चार दिन की मासूम को 'ईदी', बाप ने किया अपनाने से इनकार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 02 Sep 2017 08:51 PM IST
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बेटी पैदा होना एक बाप को इतना नागवार गुजरा कि उसने नवजात और उसकी मां दोनों को सिरे से ठुकरा दिया। वह बेटी और मां दोनों को अस्पताल में अकेला ही छोड़ गया। पीड़िता ऑटो करके घर पहुंची तो उसे अपनाने से मना कर दिया। महिला तीन दिन से भटक रही है।
भावुक कर देने वाली यह घटना जयपुर निवासी सानिया के साथ हुई। सानिया की शादी आगरा रोड स्थित कानोता में विजया नगर निवासी उस्मान के साथ हुई थी। शादी के बाद ही सानिया के साथ उस्मान ने ज्यादतियां शुरू कर दी। बेटे की चाहत में उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। जुलमों का सिलसिला यहीं नहीं रुका, इसके बाद उसने किसी दूसरे से भी संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया।
सानिया के गर्भवती होने के बाद भी उसके साथ ज्यादतियां कम नहीं हुईं। इस दौरान भी उस्मान उसे मारता-पीटता रहा।
प्रसव पीड़ा होने के बाद सानिया को उस्मान और उसकी मां ने 28 अगस्त को सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय में भर्ती करवा दिया। सानिया के घर बेटी पैदा हुई। बस यही से घर वालों को बेरुखी और भी बढ़ गई।
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भावुक कर देने वाली यह घटना जयपुर निवासी सानिया के साथ हुई। सानिया की शादी आगरा रोड स्थित कानोता में विजया नगर निवासी उस्मान के साथ हुई थी। शादी के बाद ही सानिया के साथ उस्मान ने ज्यादतियां शुरू कर दी। बेटे की चाहत में उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। जुलमों का सिलसिला यहीं नहीं रुका, इसके बाद उसने किसी दूसरे से भी संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया।
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सानिया के गर्भवती होने के बाद भी उसके साथ ज्यादतियां कम नहीं हुईं। इस दौरान भी उस्मान उसे मारता-पीटता रहा।
प्रसव पीड़ा होने के बाद सानिया को उस्मान और उसकी मां ने 28 अगस्त को सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय में भर्ती करवा दिया। सानिया के घर बेटी पैदा हुई। बस यही से घर वालों को बेरुखी और भी बढ़ गई।
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अस्पताल में ही छोड़ा परिजनों ने, घर पहुंची तो बाहर निकाला
new born baby dead
सानिया का पति और सास बेटी के पैदा होने की खबर सुनते ही वहां से रवाना हो गए। दो दिनों तक सानिया घर वालों की राह ताकती रही, लेकिन कोई नहीं आया। इसके बाद सानिया की मजबूरी को देख अस्पताल में मौजूद लोगों और स्टॉफ ने मिलकर उसे ऑटो करवाकर घर तक भिजवाया तो परिवार ने उसे घर में लेने से मना कर दिया और उसे वहां से भगा दिया।
उधर सानिया के पीहर में भी उसकी मां की मौत हो चुकी है और पिता सौतेला है। पिता को जब उसने फोन करके सारी जानकारी दी, तो उसने भी किसी भी तरह की मदद करने से इंकार कर दिया और वृंदावन आने से मना कर दिया। सानिया दो दिन से रेलवे स्टेशन पर ही रही। वहां चाइल्ड हैल्पलाइन ने उसकी मदद की।
उधर सानिया के पीहर में भी उसकी मां की मौत हो चुकी है और पिता सौतेला है। पिता को जब उसने फोन करके सारी जानकारी दी, तो उसने भी किसी भी तरह की मदद करने से इंकार कर दिया और वृंदावन आने से मना कर दिया। सानिया दो दिन से रेलवे स्टेशन पर ही रही। वहां चाइल्ड हैल्पलाइन ने उसकी मदद की।