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Doctor's Strike- जयपुर के डॉक्टर्स ने नहीं दिया हड़ताल में साथ, अब रेजिडेंट्स करेंगे कार्य बहिष्कार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:51 AM IST
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जयपुर के कांवटिया अस्पताल में मरीजों की भीड़
- फोटो : Amar Ujala
चेतावनी देने के 48 घंटे पहले ही हड़ताल पर जाने वाले राजस्थान के सेवारत डॉक्टर्स को अपने ही साथियों का साथ नहीं मिल पाया। शनिवार से ही हड़ताल पर गए राजस्थान के सेवारत चिकित्सकों को जयपुर के डॉक्टर्स ने समर्थन नहीं दिया और ड्यूटी करते हुए मरीजों का इलाज करते दिखाई दिए।
शुक्रवार से ही डॉक्टरों की गिरफ्तारी शुरू होने के विरोध में शनिवार को सेवारत डॉक्टर्स ने आंदोलन शुरू कर दिया था जिसके बाद सरकार ने रेस्मा के तहत डॉक्टरों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। जानकारी मिली है कि अब तक 60 से ज्यादा डॉक्टर्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और अब भी कई डॉक्टर्स की धरपकड़ जारी है।
गिरफ्तारी के डर से राज्यभर में कई जिलों में काफी बड़ी संख्या में डॉक्टर्स अंडरग्राउंड हो गए जिससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिती के कारण आज भी ओपीडी शुरू नहीं हो पाई है।
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इधर,डॉक्टरों की हड़ताल के चलते सरकार ने अलग से व्यवस्था करने की बात कही है जिसके तहत सभी जिले के कलेक्टर्स को आदेश दिए गए हैं कि वो सरकारी अस्पताल की पर्ची से प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों के इलाज की व्यवस्था करें। अलवर जिले के 10 प्राइवेट अस्पतालों में सरकारी पर्ची से मरीजों को देखने की कवायद शुरू भी कर दी गई है।
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शुक्रवार से ही डॉक्टरों की गिरफ्तारी शुरू होने के विरोध में शनिवार को सेवारत डॉक्टर्स ने आंदोलन शुरू कर दिया था जिसके बाद सरकार ने रेस्मा के तहत डॉक्टरों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। जानकारी मिली है कि अब तक 60 से ज्यादा डॉक्टर्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और अब भी कई डॉक्टर्स की धरपकड़ जारी है।
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गिरफ्तारी के डर से राज्यभर में कई जिलों में काफी बड़ी संख्या में डॉक्टर्स अंडरग्राउंड हो गए जिससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिती के कारण आज भी ओपीडी शुरू नहीं हो पाई है।
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इधर,डॉक्टरों की हड़ताल के चलते सरकार ने अलग से व्यवस्था करने की बात कही है जिसके तहत सभी जिले के कलेक्टर्स को आदेश दिए गए हैं कि वो सरकारी अस्पताल की पर्ची से प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों के इलाज की व्यवस्था करें। अलवर जिले के 10 प्राइवेट अस्पतालों में सरकारी पर्ची से मरीजों को देखने की कवायद शुरू भी कर दी गई है।
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रेजिडेंट्स 18 से करेंगे अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार
एक सरकारी अस्पताल में खाली पड़ा डॉक्टर का चेंबर
- फोटो : Amar Ujala
सेवारत चिकित्सकों का साथ देने रेजिडेंट्स डॉक्टर भी फिर से आगे आए हैं। राजस्थान के रेजिडेंट डॉक्टर्स ने 18 दिसंबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। अब रेजिडेंट डॉक्टर्स के हड़ताल पर चले जाने से प्रदेश के लाखों मरीजों का और भी बुरा हाल हो सकता है।
चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा है कि सरकार बिल्कुल भी डॉक्टर्स के आगे घुटने टेकने वाली नहीं है। यदि डॉक्टर्स हड़ताल करना अपना हक समझते हैं तो सरकार उनपर कार्रवाई करने का हक रखती है। चिकित्सा मंत्री ने कहा है कि जब तक डॉक्टर्स अपनी अनकंडिशनल हड़ताल वापस नहीं लेते तब तक उनसे कोई वार्ता नहीं की जाएगी।
चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा है कि सरकार बिल्कुल भी डॉक्टर्स के आगे घुटने टेकने वाली नहीं है। यदि डॉक्टर्स हड़ताल करना अपना हक समझते हैं तो सरकार उनपर कार्रवाई करने का हक रखती है। चिकित्सा मंत्री ने कहा है कि जब तक डॉक्टर्स अपनी अनकंडिशनल हड़ताल वापस नहीं लेते तब तक उनसे कोई वार्ता नहीं की जाएगी।