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गौ-तस्कर मौत मामले पर संसद में हंगामा, विपक्ष का सरकार को घेरने का प्रयास
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 06 Apr 2017 01:49 PM IST
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संसद।
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अलवर के बहरोड़ में कथित गौ-तस्कर पहलू खान की मौत की गूंज बृहस्पितवार को राज्यसभा में भी सुनाई दी। विपक्ष ने गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी के आरोप लगाए, तो पक्ष ने आरोप सिरे से नकारे। इस बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले में ट्विट किया और इस हंगामे में कूद पड़े। राज्यसभा के उपसभापति ने इस मामले में सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
विपक्ष का कहना है कि यह काफी संवेदनशील मामला हैं। इससे पूर्व राज्यसभा में कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने मामले को उठाते हुए कहा कि अलवर में गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी हुई है। वहीं विपक्ष के इस आरोप का जवाब देते हुए मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इस तरह की कोई घटना अलवर में नहीं हुई हैं। नकवी का कहना था कि मीडिया में जो रिपोर्ट आई है, उस पर राज्य सरकार जवाब दे चुकी है। वहीं, पहलू खान की मौत के मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है कि सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
अभी तक यह रहा है घटनाक्रम
गौरतलब है कि शनिवार रात्रि को बहरोड़ में गौ-रक्षकों ने एक कथित गौ-तस्कर की इतनी पिटाई की कि बहरोड़ के अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद उसके परिजनों द्वारा शव लेने से इंकार करने पर अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।
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मामले के तहत शनिवार रात को हरियाणा के नूंह निवासी पहलू खान और 15 अन्य लोग गौवंश के साथ जयपुर से हरियाणा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अलवर के बहरोड़ के नजदीक पहुंचते ही वहां पहले से मौजूद गौ-रक्षकों ने इन लोगों के तीन वाहनों को घेर लिया। इसके बाद बड़ी संख्या में मौजूद इन गौ-रक्षकों ने कथित गौ-तस्करों के साथ मारपीट प्रारंभ कर दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ के चुंगल से इन लोगों को छुड़ाया और गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यहां पहलू खान की गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे आईसीयू में दाखिल कराया। सोमवार रात को पहलू खान ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मामला बढ़ता देख अलवर पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस का कहना था कि जो गौवंश पकड़ा गया है, उसे ले जाने के लिए उपर्युक्त दस्तावेज इन लोगों के पास नहीं मिले हैं।
पुलिस ने 15 कथित गौ-तस्करों के खिलाफ राजस्थान बोवाइन एनिमल एक्ट 1995 के तहत मामला दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मारपीट करने वाले 200 लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसके बाद बुधवार को पुलिस की तीन टीमों ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसमें एक बहरोड़ राजकीय कॉलेज का छात्रसंघ अध्यक्ष विपिन चंद्र यादव भी है।
वहीं, राजस्थान के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा था कि गौ-रक्षकों उन्हें रोका वह तो अच्छा था, लेकिन मारपीट कर कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। यदि गौ-तस्करी की सूचना या आशंका होती है तो गौ-रक्षक वाहनों को रोक सकते हैं, लेकिन उन्हें किसी के साथ मारपीट नहीं करनी चाहिए। कटारिया का कहना कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
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विपक्ष का कहना है कि यह काफी संवेदनशील मामला हैं। इससे पूर्व राज्यसभा में कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने मामले को उठाते हुए कहा कि अलवर में गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी हुई है। वहीं विपक्ष के इस आरोप का जवाब देते हुए मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इस तरह की कोई घटना अलवर में नहीं हुई हैं। नकवी का कहना था कि मीडिया में जो रिपोर्ट आई है, उस पर राज्य सरकार जवाब दे चुकी है। वहीं, पहलू खान की मौत के मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है कि सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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गौरतलब है कि शनिवार रात्रि को बहरोड़ में गौ-रक्षकों ने एक कथित गौ-तस्कर की इतनी पिटाई की कि बहरोड़ के अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद उसके परिजनों द्वारा शव लेने से इंकार करने पर अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।
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मामले के तहत शनिवार रात को हरियाणा के नूंह निवासी पहलू खान और 15 अन्य लोग गौवंश के साथ जयपुर से हरियाणा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अलवर के बहरोड़ के नजदीक पहुंचते ही वहां पहले से मौजूद गौ-रक्षकों ने इन लोगों के तीन वाहनों को घेर लिया। इसके बाद बड़ी संख्या में मौजूद इन गौ-रक्षकों ने कथित गौ-तस्करों के साथ मारपीट प्रारंभ कर दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ के चुंगल से इन लोगों को छुड़ाया और गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यहां पहलू खान की गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे आईसीयू में दाखिल कराया। सोमवार रात को पहलू खान ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मामला बढ़ता देख अलवर पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस का कहना था कि जो गौवंश पकड़ा गया है, उसे ले जाने के लिए उपर्युक्त दस्तावेज इन लोगों के पास नहीं मिले हैं।
पुलिस ने 15 कथित गौ-तस्करों के खिलाफ राजस्थान बोवाइन एनिमल एक्ट 1995 के तहत मामला दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मारपीट करने वाले 200 लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसके बाद बुधवार को पुलिस की तीन टीमों ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसमें एक बहरोड़ राजकीय कॉलेज का छात्रसंघ अध्यक्ष विपिन चंद्र यादव भी है।
वहीं, राजस्थान के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा था कि गौ-रक्षकों उन्हें रोका वह तो अच्छा था, लेकिन मारपीट कर कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। यदि गौ-तस्करी की सूचना या आशंका होती है तो गौ-रक्षक वाहनों को रोक सकते हैं, लेकिन उन्हें किसी के साथ मारपीट नहीं करनी चाहिए। कटारिया का कहना कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।