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बाड़मेर में महंत श्रीधन गिरी हत्याकाण्ड का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 22 Jun 2017 07:13 PM IST
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मर्डर
- फोटो : अमर उजाला
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बाड़मेर जिले में 13 जून की आधी रात को मोकलसर स्थित वाल्मीकि रूचि मन्दिर के महंत श्रीधन गिरी की हत्या का पर्दाफाश कर पुलिस ने बृहस्पतिवार को तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
बाड़मेर एसपी डॉक्टर गगनदीप सिंगला के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी ओमा उर्फ ओमाराम भील निवासी मांगला फार्म, समदड़ी का रहने वाला है। जबकि अन्य आरोपी जालाराम भील तथा जस्साराम भील है। ये दोनों गांव कूड़ी, तहसील पचपदरा बाड़मेर के रहने वाले हैं।
एसपी ने बताया कि महंत श्रीधन गिरी निवासी मोईवाड़ा जिला जालोर के रहने वाले थे। वह मोकलसर स्थित वाल्मीकि रूचि मन्दिर के महंत थे। 14 जून को वाल्मीकि रूचि मन्दिर मोकलसर के अध्यक्ष भीखाराम ने महंत श्रीधनगिरी की हत्या का मुकदमा सीवाना पुलिस थाने में दर्ज करवाया था। इस पर एएसपी कैलाशदान रत्नू के निर्देशन में पांच पुलिस थाना प्रभारियों और स्पेशल पुलिस टीम की गठित की गई थी। जिसमें एसपी आॅफिस की साईबर सेल के प्रभारी एएसआई पन्नाराम व कांस्टेबल प्रेमाराम को शामिल किया गया।
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पुलिस अनुसंधान में इलाके में मन्दिरों में चोरी करने वाली गैंग के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई। इस पर शातिर नकबजन ओमा उर्फ ओमाराम निवासी मांगला फार्म पुलिस थाना समदड़ी के 2 जून को जमानत पर जेल से बाहर आने की जानकारी मिली। उसके खिलाफ 2 दर्जन से भी ज्यादा नकबजनी एवं चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। इस पर ओमाराम उर्फ ओमा और उसके दोनों साथियों को पकड़कर पूछताछ की गई।
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बाड़मेर एसपी डॉक्टर गगनदीप सिंगला के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी ओमा उर्फ ओमाराम भील निवासी मांगला फार्म, समदड़ी का रहने वाला है। जबकि अन्य आरोपी जालाराम भील तथा जस्साराम भील है। ये दोनों गांव कूड़ी, तहसील पचपदरा बाड़मेर के रहने वाले हैं।
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एसपी ने बताया कि महंत श्रीधन गिरी निवासी मोईवाड़ा जिला जालोर के रहने वाले थे। वह मोकलसर स्थित वाल्मीकि रूचि मन्दिर के महंत थे। 14 जून को वाल्मीकि रूचि मन्दिर मोकलसर के अध्यक्ष भीखाराम ने महंत श्रीधनगिरी की हत्या का मुकदमा सीवाना पुलिस थाने में दर्ज करवाया था। इस पर एएसपी कैलाशदान रत्नू के निर्देशन में पांच पुलिस थाना प्रभारियों और स्पेशल पुलिस टीम की गठित की गई थी। जिसमें एसपी आॅफिस की साईबर सेल के प्रभारी एएसआई पन्नाराम व कांस्टेबल प्रेमाराम को शामिल किया गया।
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पुलिस अनुसंधान में इलाके में मन्दिरों में चोरी करने वाली गैंग के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई। इस पर शातिर नकबजन ओमा उर्फ ओमाराम निवासी मांगला फार्म पुलिस थाना समदड़ी के 2 जून को जमानत पर जेल से बाहर आने की जानकारी मिली। उसके खिलाफ 2 दर्जन से भी ज्यादा नकबजनी एवं चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। इस पर ओमाराम उर्फ ओमा और उसके दोनों साथियों को पकड़कर पूछताछ की गई।
इसके बाद लाश को घसीटकर पास के कुएं के पास फेंक आए
arrest shimla
- फोटो : Demo pic
पूछताछ में गिरोह ने महंत की हत्या करना स्वीकार करते हुए बताया कि 13 व 14 जून को देर रात वे तीनों वाल्मीकि मन्दिर में चोरी की नियत से आए थे। उन्होंने बाइक को मन्दिर के पीछे वाले दरवाजे पर खड़ी कर दी। इसके बाद मंदिर में प्रवेश किया तो आहट सुनकर महंत श्रीधनगिरी की नींद खुल गई। उन्होंने शोर मचाया तो पकड़े जाने के डर से बदमाशों ने श्रीधनगिरी के सिर पर लोहे की रॉड व लाठी से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी।
इसके बाद लाश को घसीटकर पास के कुएं के पास फेंक आए। इसके बाद महंत के कानों में पहने हुए एक गोखरू (स्वर्ण निर्मित) लूटकर ले गए। उन्होंने श्रीधनगिरी के कमरे में रखे बक्से से रुपयों का थैला भी चुरा लिया और फिर बाइक से अपने घर पहुंच गए।
इसके बाद लाश को घसीटकर पास के कुएं के पास फेंक आए। इसके बाद महंत के कानों में पहने हुए एक गोखरू (स्वर्ण निर्मित) लूटकर ले गए। उन्होंने श्रीधनगिरी के कमरे में रखे बक्से से रुपयों का थैला भी चुरा लिया और फिर बाइक से अपने घर पहुंच गए।