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Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   The deal with the customer through social media, then supply the weapon in rajasthan

सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों से सौदा, फिर हथियार सप्लाई करता है यह गैंग 

Fri, 22 Dec 2017 09:01 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Fri, 22 Dec 2017 09:01 PM IST
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The deal with the customer through social media, then supply the weapon in rajasthan
demo pic - फोटो : Demo pic
एक राज्य से अवैध हथियार खरीदकर दुगने दामों में इन हथियारों को बेचने के गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। हथियारों की तस्करी से जुड़ा यह गैंग इतना शातिर है कि सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों से सौदा तय करता है और फिर हथियारों की सप्लाई करता है।
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यही नहीं इनमें गैंग से जुड़े एक आरोपी ने बाकायदा फेसबुक पर हथियारों के साथ अपनी एक फोटो भी पोस्ट कर रखी है। एडीजी उमेश मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी हथियार तस्कर इरफान खां निवासी निकुम्भ, चित्तौड़गढ़, सद्दाम हुसैन निवासी निम्बाहेड़ा, चित्तौडगढ़ और तीसरा आरोपी फिरोज खां निवासी निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ है। उनके कब्जे से 20 हथियार बरामद किए गए हैं। इनमें 19 पिस्टल और 1 रिवाल्वर है। 
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प्रारम्भिक पूछताछ में सामने आया कि इस गैंग ने मध्यप्रदेश के रतलाम जिले से किसी हथियार तस्कर गिरोह से एक हथियार 27,000 रुपए में खरीदा था। इसके बाद इन हथियारों को राजस्थान में लाकर दुगुने दामों यानी 55,000 रुपए के हिसाब से यहां बेचा जाना था। 
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बिना लाइसेंस वाले हथियार बेचते थे दुगुने दामों में

The deal with the customer through social media, then supply the weapon in rajasthan
गिरफ्तार आरोपी हथियार तस्कर - फोटो : Vishnu Sharma
निम्बाहेड़ा के दो पुलिसकर्मियों की सूचना पर एडिशनल एसपी करण शर्मा, एएसपी ललित किशोर शर्मा के नेतृत्व में गठित स्पेशल टीम ने कल निम्बाहेड़ा में बैलगाम चौराहा, ट्रांसपोर्ट नगर, चित्तौडगढ़ रोड स्थित एक होटल में छापा मारा। जहां अवैध हथियारों के जखीरे के साथ तीन हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया था। तीनों हथियार तस्करों को आज जयपुर लाया गया।

आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग सोशल मीडिया के जरिए हथियार खरीदने वाले ग्राहकों को तलाशती है। फिर उनसे संपर्क कर हथियारों की सप्लाई की जाती है। इसके बाद एमपी से खरीदकर लाए इन पिस्टल व​ रिवॉल्वर को दुगुने दामों में बेचा जाता है। जिनका कोई लाइसेंस नहीं होता है। इस टीम में कांस्टेबल महिपाल सिंह गुर्जर और नरेंद्र सिंह शेखावत व अन्य पुलिसकर्मियों की टीम को शामिल किया गया।
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