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राम रहीम के गुर्गे ने मोटी रकम का लालच देकर यूं भड़काई थी हिंसा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 17 Sep 2017 12:49 PM IST
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Ram Rahim With Honeypreet Insan
- फोटो : File Photo
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यौन शोषण के आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद उपद्रव करने के लिए लोगों को 25-25 हजार रुपयों का लालच देकर बुलाया गया था। यह चौंकाने वाला खुलासा रामरहीम और उसकी बेहद करीबी हनीप्रीत कौर के राजदार प्रदीप गोयल से हुई पूछताछ में हुआ है।
हरियाणा की एसआईटी और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने रामरहीम के गुर्गे प्रदीप यादव को राजस्थान में उदयपुर जिले से धरदबोचा। इससे पहले प्रदीप के राजस्थान में सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ तहसील में गिरफ्तारी की खबरें सामने आई थी।
वह रामरहीम की सबसे करीबी हनीप्रीत का ड्राइवर भी बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक प्रारम्भिक पूछताछ में प्रदीप ने पंचकुला में हुई हिंसा के बाद फरार चल रही हनीप्रीत के नेपाल में छिपे होने की जानकारी दी। इससे पहले हनीप्रीत का मोबाइल नंबर राजस्थान में ही ट्रेक होने की खबरें भी सामने आई थी। तब से उसके विदेश भागने के बजाए राजस्थान में ही छिपे होने की संभावना थी।
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हरियाणा की एसआईटी और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने रामरहीम के गुर्गे प्रदीप यादव को राजस्थान में उदयपुर जिले से धरदबोचा। इससे पहले प्रदीप के राजस्थान में सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ तहसील में गिरफ्तारी की खबरें सामने आई थी।
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वह रामरहीम की सबसे करीबी हनीप्रीत का ड्राइवर भी बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक प्रारम्भिक पूछताछ में प्रदीप ने पंचकुला में हुई हिंसा के बाद फरार चल रही हनीप्रीत के नेपाल में छिपे होने की जानकारी दी। इससे पहले हनीप्रीत का मोबाइल नंबर राजस्थान में ही ट्रेक होने की खबरें भी सामने आई थी। तब से उसके विदेश भागने के बजाए राजस्थान में ही छिपे होने की संभावना थी।
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आदिवासियों को फंसाया और ले गया था पंचकुला
Ram Rahim Verdict
- फोटो : File photo
पूछताछ में सामने आया है कि राम रहीम के केस की सुनवाई से ठीक प्रदीप उदयपुर के आदिवासी इलाकों में सक्रिय था। इस दौरान उसने आदिवासी युवकों से संपर्क साधा और उन्हें राम रहीम के शिष्य बनने के लिए प्रेरित किया।
इसके लिए इन युवाओं को 25-25 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने का लालच दिया। इससे कई युवा उसके झांसे में आ गए। बाद में वे इन्हें लेकर पंचकुला भी पहुंचा। पंचकुला में राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद भड़की हिंसा के बाद उदयपुर के कुछ आदिवासी युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ के दौरान पुलिस को प्रदीप के बारे में जानकारी मिली थी।
पुलिस के अनुसार सेक्टर-14 नाकोड़ा नगर निवासी प्रदीप गोयल गुरमीत रामरहीम का निकटस्थ भक्त था और उसका राजदार भी था। राम रहीम के सभी महत्वपूर्ण कार्यों में वह मौजूद रहता था।
इसके लिए इन युवाओं को 25-25 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने का लालच दिया। इससे कई युवा उसके झांसे में आ गए। बाद में वे इन्हें लेकर पंचकुला भी पहुंचा। पंचकुला में राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद भड़की हिंसा के बाद उदयपुर के कुछ आदिवासी युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ के दौरान पुलिस को प्रदीप के बारे में जानकारी मिली थी।
पुलिस के अनुसार सेक्टर-14 नाकोड़ा नगर निवासी प्रदीप गोयल गुरमीत रामरहीम का निकटस्थ भक्त था और उसका राजदार भी था। राम रहीम के सभी महत्वपूर्ण कार्यों में वह मौजूद रहता था।
राजदार और बेहद करीबी आरोपियों के यहीं छुपे होने का अंदेशा
Honeypreet Insan
- फोटो : File photo
प्रदीप व हनीप्रीत के साथ होने की सूचना पर हरियाणा की एसआईटी टीम उदयपुर में पिछले दो दिनों से प्रदीप को खोज रही थी। लेकिन इसकी जानकारी उदयपुर पुलिस को नहीं दी गई थी। बाद में, उदयपुर के एएसपी सुधीर जोशी के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस और एसआईटी ने प्रदीप का दबोच लिया गया। उसे उसके एक घनिष्ठ मित्र की मदद से सेक्टर-14 स्थित सीए सर्किल पर पकड़ लिया।
इससे पहले राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले से राम रहीम की सुरक्षा में तैनात एक सिपाही को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का मानना है कि राजस्थान हरियाणा का सीमावर्ती राज्य होने से सबसे आसान पहुंच वाला राज्य है। इससे पंचकुला हिंसा होने के बाद रामरहीम के राजदार और बेहद करीबी फरार आरोपियों के यहीं छुपे होने का अंदेशा है।
इससे पहले राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले से राम रहीम की सुरक्षा में तैनात एक सिपाही को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का मानना है कि राजस्थान हरियाणा का सीमावर्ती राज्य होने से सबसे आसान पहुंच वाला राज्य है। इससे पंचकुला हिंसा होने के बाद रामरहीम के राजदार और बेहद करीबी फरार आरोपियों के यहीं छुपे होने का अंदेशा है।