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समलेटी बम कांड: डेथ रेफरेंस पर सुनवाई टली, चलती बस में विस्फोट से गई थी 14 जान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 30 Jan 2018 08:30 PM IST
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- फोटो : Demo pic
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राजस्थान हाईकोर्ट में 21 साल पहले दौसा के समलेटी गांव के पास रोडवेज की बस में हुए बम विस्फोट के मामले में अभियुक्त डॉ. अब्दुल हमीद की अपील और डेथ रेफरेंस पर मंगलवार को सुनवाई टल गई। न्यायाधीश अजय रस्तोगी और न्यायाधीश डीसी सोमानी की खंडपीठ ने मामले की 26 फरवरी को तय की है।
सुनवाई के दौरान संसद में हमले के आरोप झेल चुके दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एसएआर गिलानी भी कोर्ट में पेश हुए थे। गौरतलब है कि 22 मई 1996 को आगरा से बीकानेर जा रही राजस्थान रोडवेज की बस में विस्फोट से 14 लोगों की मौत और 37 लोग घायल हो गए थे।
बांदीकुई के एडीजे कोर्ट ने जनवरी 2015 माह में अब्दुल हमीद को फांसी की सजा सुनाते हुए कश्मीर निवासी कुछ आरोपियों सहित करीब आधा दर्जन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हमीद को मिली फांसी की सजा की पुष्टि के लिए राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में जहां डेथ रेफरेंस पेश किया।
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वहीं, अभियुक्त की ओर से निचली अदालत के आदेश को अपील में चुनौती दी गई। गिलानी ने अदालत परिसर में उपस्थित मीडियाकर्मियों को बताया कि वे कश्मीरी लोगों के समर्थन में यहां आए हैं। उन्होंने प्रकरण में राजनीतिक कारणों के चलते कश्मीरी लोगों को फंसाने का भी आरोप लगाया।
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सुनवाई के दौरान संसद में हमले के आरोप झेल चुके दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एसएआर गिलानी भी कोर्ट में पेश हुए थे। गौरतलब है कि 22 मई 1996 को आगरा से बीकानेर जा रही राजस्थान रोडवेज की बस में विस्फोट से 14 लोगों की मौत और 37 लोग घायल हो गए थे।
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बांदीकुई के एडीजे कोर्ट ने जनवरी 2015 माह में अब्दुल हमीद को फांसी की सजा सुनाते हुए कश्मीर निवासी कुछ आरोपियों सहित करीब आधा दर्जन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हमीद को मिली फांसी की सजा की पुष्टि के लिए राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में जहां डेथ रेफरेंस पेश किया।
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वहीं, अभियुक्त की ओर से निचली अदालत के आदेश को अपील में चुनौती दी गई। गिलानी ने अदालत परिसर में उपस्थित मीडियाकर्मियों को बताया कि वे कश्मीरी लोगों के समर्थन में यहां आए हैं। उन्होंने प्रकरण में राजनीतिक कारणों के चलते कश्मीरी लोगों को फंसाने का भी आरोप लगाया।