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143 घंटे की फर्जी उड़ान, चार अफसरों समेत पांच को सजा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 05 Feb 2018 08:24 PM IST
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- फोटो : Demo pic
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भ्रष्टाचार के एक मामले में एसीबी मामलों की विशेष अदालत ने चार अफसरों समेत पांच जनों को सजा सुनाई है।
एसीबी मामलों की विशेष अदालत ने जयपुर में फैसला सुनाते हुए राजस्थान फ्लाइंग स्कूल, सांगानेर में स्कूल के तत्कालीन सीएफआई मोहिन्दर कुमार, फ्लाइंग असिस्टेंट सुभाष विजयवर्गीय, एटीसी अधिकारी मनोज जैन और फ्लाइंग स्कूल हिसार के सीएफआई महावीर सिंह बेनीवाल के साथ प्रशिक्षणार्थी अनुज कुमार जाट को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही अदालत ने प्रत्येक अभियुक्त पर 21-21 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
एसीबी ने प्रारंभिक जांच के बाद 27 जनवरी 2011 को मुकदमा दर्ज किया था। जिसके अनुसार एफटीपीआर में प्रशिक्षणार्थी अनुज कुमार की 13 अगस्त 2005 से 29 जुलाई 2006 तक कुल 143 घंटे 15 मिनट की फर्जी उड़ानें दिखा रखी है।
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एसीबी मामलों की विशेष अदालत ने जयपुर में फैसला सुनाते हुए राजस्थान फ्लाइंग स्कूल, सांगानेर में स्कूल के तत्कालीन सीएफआई मोहिन्दर कुमार, फ्लाइंग असिस्टेंट सुभाष विजयवर्गीय, एटीसी अधिकारी मनोज जैन और फ्लाइंग स्कूल हिसार के सीएफआई महावीर सिंह बेनीवाल के साथ प्रशिक्षणार्थी अनुज कुमार जाट को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही अदालत ने प्रत्येक अभियुक्त पर 21-21 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
एसीबी ने प्रारंभिक जांच के बाद 27 जनवरी 2011 को मुकदमा दर्ज किया था। जिसके अनुसार एफटीपीआर में प्रशिक्षणार्थी अनुज कुमार की 13 अगस्त 2005 से 29 जुलाई 2006 तक कुल 143 घंटे 15 मिनट की फर्जी उड़ानें दिखा रखी है।
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लॉग बुक में दौ सौ घंटा 25 मिनट उड़ान प्रमाणित की, रिकॉर्ड में सिर्फ 57 घंटा 10 मिनट
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अनुज के डोजियर एवं पर्सनल लॉग बुक में दौ सौ घंटा 25 मिनट उड़ान प्रमाणित की गई थी, जबकि फ्लाइंग स्कूल, सांगानेर के रिकॉर्ड में सिर्फ 57 घंटा दस मिनट ही उड़ान भरी गई थी। फर्जी उड़ान को आरोपियों ने प्रमाणित भी कर रखा था। एसीबी जांच में यह भी पता चला कि उडान के लिए प्रतिघंटा 2303 रुपए तय होने के बावजूद अभियुक्त अनुज कुमार से मात्र एक लाख रुपए ही जमा किए गए।