छोटे भाई की मौत का बदला लेने को गला काटा फिर चाकू से गोदकर युवक की हत्या
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खुदकुशी करने वाले छोटे भाई की मौत का बदला बड़े भाई ने वीभत्स तरीके से लिया। आरोपियों ने युवक का गला चाकू से काटा और फिर उसके पेट में ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी।
जयपुर पुलिस ने वारदात का पर्दाफाश करते हुए 12 घंटे में ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी पश्चिम अशोक गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी हितेश कुमार सिंधी उम्र 24 साल है। वह गली नंबर 2, चांग गेट कोठी चौक, ब्यावर का रहने वाला है। जबकि दूसरा आरोपी विशाल सिंधी उम्र 20 साल निवासी गली नंबर 1, नंद नगर ब्यावर है।
पुलिस को आज जयपुर के सेज थाना इलाके में नेवटा रोड पर पॉवर हाउस के सामने खाई में एक युवक की लाश मिली थी। जिसका गला कटा था और पेट में चाकू के कई वार थें। जेब में मिले आधार कार्ड के आधार पर शव की शिनाख्त विवेकानंद पुत्र कन्हैयालाल पंजाबी उम्र 25 निवासी पाली रोड, ब्यावर के रूप में हुई।
हितेश के भाई ने ढाई साल पहले की थी खुदकुशी
पुलिस की सूचना पर विवेकानंद की उसकी बहन रेणु ने हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया। डीसीपी गुप्ता व एडिशनल डीसीपी रतन सिंह के निर्देशन में पुलिस ने अजमेर रोड पर सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल खंगाले। आसपास की होटलों को चैक किया। जिसमें मृतक और आरोपियों से जुड़े अहम सुराग मिले।
इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को धरदबोचा। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या करना कबूल कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि हितेश कुमार के भाई लक्की ने मृतक विवेकानंद उर्फ विक्की को चार लाख रुपए उधार दिए थे। जब कभी लक्की ने विवेकानंद से रुपए लौटाने को कहा तो रुपए देने के बजाए विक्की उसे धमकाकर भगा देता और झांसे देता रहता।
इससे परेशान होकर लक्की ने करीब ढाई साल पहले ट्रेन के सामने छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली।
कार से बाहर उतारा...
हितेश इसके बाद भाई की मौत का बदला लेने की फिराक में था। पिछले दिनों उसे पता चला कि विवेकानंद 22 दिसंबर को जयपुर आया हुआ है।
इस पर वह अपने साथी विशाल के साथ एक कार लेकर 23 दिसंबर की रात को जयपुर पहुंचा। यहां इन्होंने अजमेर रोड पर एक होटल से विवेकानंद को अपने साथ लेकर कार में बैठा लिया और फिर बीती देर रात को करीब 2 बजे तक इधर—उधर घूमते रहे।
आखिरकार वे सेज थाना इलाके में नेवटा रोड पर पावर हाउस के सामने पहुंचे। वहां बहाना बनाकर हितेश और विशाल ने विवेकानंद को कार से बाहर उतारा। इसके बाद हितेश ने धारदार चाकू से वारकर विवेकानंद का गला काट दिया। इसके बाद ताबड़तोड़ चाकू से वार किए और फिर उसे खाई में पटककर कार से ब्यावर चले गए।