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कॉलेज व्याख्याता के साक्षात्कार में शामिल करने के आदेश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 20 Jun 2017 06:40 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने आरपीएससी को आदेश दिए हैं कि वह कॉलेज व्याख्याता भर्ती-2015 के साक्षात्कार में याचिकाकर्ता अभ्यर्थी को शामिल करें। इसके साथ ही अदालत ने आयोग सचिव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश वीके व्यास की एकलपीठ ने यह आदेश राजाराम मीणा की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि आयोग ने 12 जनवरी 2015 को कॉलेज व्याख्याता के पदों के लिए भर्ती निकाली। जिसमें न्यूनतम आयू सीमा 21 वर्ष रखी गई। वहीं आयोग ने एक सितंबर 2016 को संशोधित विज्ञापन जारी कर पदों की संख्या बढ़ा दी।
याचिका में कहा गया कि परीक्षा के बाद याचिकाकर्ता का चयन हो गया, लेकिन उसे अल्पायु बताकर साक्षात्कार में शामिल करने से इंकार कर दिया। जिसे चुनौती देते हुए कहा गया कि आयोग की ओर से जारी संशोधित विज्ञापन के समय याचिकाकर्ता 21 साल की उम्र पार कर चुका था। इसके अलावा उसका स्थान मेरिट में आया है। ऐसे में उसे साक्षात्कार में शामिल किया जाए।
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जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ता को साक्षात्कार में शामिल करने के आदेश देते हुए आरपीएससी से जवाब तलब किया है।
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न्यायाधीश वीके व्यास की एकलपीठ ने यह आदेश राजाराम मीणा की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि आयोग ने 12 जनवरी 2015 को कॉलेज व्याख्याता के पदों के लिए भर्ती निकाली। जिसमें न्यूनतम आयू सीमा 21 वर्ष रखी गई। वहीं आयोग ने एक सितंबर 2016 को संशोधित विज्ञापन जारी कर पदों की संख्या बढ़ा दी।
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याचिका में कहा गया कि परीक्षा के बाद याचिकाकर्ता का चयन हो गया, लेकिन उसे अल्पायु बताकर साक्षात्कार में शामिल करने से इंकार कर दिया। जिसे चुनौती देते हुए कहा गया कि आयोग की ओर से जारी संशोधित विज्ञापन के समय याचिकाकर्ता 21 साल की उम्र पार कर चुका था। इसके अलावा उसका स्थान मेरिट में आया है। ऐसे में उसे साक्षात्कार में शामिल किया जाए।
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जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ता को साक्षात्कार में शामिल करने के आदेश देते हुए आरपीएससी से जवाब तलब किया है।