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अब थानों में नहीं लगेंगे चक्कर, आॅनलाईन मिलेगी एफआईआर कॉपी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 21 Aug 2017 06:05 PM IST
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डीजीपी अजीत सिंह
- फोटो : google
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प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने आमजन को आज से एक बड़ी राहत देने की पहल की है। अब थानों में दर्ज होने वाले मुकदमे की कॉपी लेने के लिए चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। बल्कि आज से आमजन प्रदेश में दर्ज अधिकांश एफआईआर का अवलोकन कर आॅनलाइन ही एफआईआर की कॉपी डाउनलोड कर सकेगा। इस सुविधा को महानिदेशक पुलिस अजीत सिंह ने आज पुलिस मुख्यालय में प्रारम्भ किया।
इस अवसर पर डीजीपी अजीत सिंह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक केस की सुनवाई में दिए निर्णय से आमजन को एफआईआर की रिपोर्ट कॉपी उपलब्ध करवाने के आदेश की पालना सम्भव हो सकी है। जिसका आमजन पूरा उपयोग करेंगे। डीजीपी अजीत सिंह ने बताया कि इस सुविधा में लैंगिक अपराधों जैसे पोक्सो एक्ट 2012 एवं संवदेनशील मामलों,राजद्रोह,आतंकवाद एवं इसी तरह की प्रकृति के मुकदमों की एफआईआर का प्रकाशन नहीं हो सकेगा।
इस सुविधा को प्रारम्भ करने तक करीब 1,05,490 एफआईआर प्रकाशित किया जा चुका है। पारदर्शिता की दिशा में भी यह राजस्थान पुलिस का बड़ा प्रयास है। महानिदेशक पुलिस ने बताया कि यह सुविधा आमजन मोजिला फायरफाक्स इन्टरनेट ब्राउजर पर राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर देखें प्राथमिकी’’ नामक लिंक पर उपलब्ध होगी। नागरिक को सर्वप्रथम यूजर आईडी बना कर रजिस्टर करना होगा तथा सुविधा के उपयोग हेतु लॉग इन भी करना होगा। उपरोक्त सुविधा राजस्थान पुलिस के वेबपोर्टल पर भी उपलब्ध है।
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इस अवसर पर डीजीपी अजीत सिंह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक केस की सुनवाई में दिए निर्णय से आमजन को एफआईआर की रिपोर्ट कॉपी उपलब्ध करवाने के आदेश की पालना सम्भव हो सकी है। जिसका आमजन पूरा उपयोग करेंगे। डीजीपी अजीत सिंह ने बताया कि इस सुविधा में लैंगिक अपराधों जैसे पोक्सो एक्ट 2012 एवं संवदेनशील मामलों,राजद्रोह,आतंकवाद एवं इसी तरह की प्रकृति के मुकदमों की एफआईआर का प्रकाशन नहीं हो सकेगा।
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इस सुविधा को प्रारम्भ करने तक करीब 1,05,490 एफआईआर प्रकाशित किया जा चुका है। पारदर्शिता की दिशा में भी यह राजस्थान पुलिस का बड़ा प्रयास है। महानिदेशक पुलिस ने बताया कि यह सुविधा आमजन मोजिला फायरफाक्स इन्टरनेट ब्राउजर पर राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर देखें प्राथमिकी’’ नामक लिंक पर उपलब्ध होगी। नागरिक को सर्वप्रथम यूजर आईडी बना कर रजिस्टर करना होगा तथा सुविधा के उपयोग हेतु लॉग इन भी करना होगा। उपरोक्त सुविधा राजस्थान पुलिस के वेबपोर्टल पर भी उपलब्ध है।
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इसी प्रकिया में थानों का रोजनामचा भी ऑनलाईन
Onlice FIR
- फोटो : Demo pic
स्टेट क्राईम रिकाॅर्ड ब्यूरो,जयपुर के एडीजी कपिल गर्ग ने बताया कि भारत सरकार द्वारा मिशन मोड परियोजना ’’सीसीटीएनएस’’ का देशभर में क्रियान्वयन किया जा रहा है। गर्ग ने बताया कि राजस्थान में भी इस परियोजना का क्रियान्वयन वर्ष 2012 में आरम्भ किया गया था परन्तु सिस्टम इन्टीग्रेटर के परियोजना से समय से पूर्व एक्जिट करने के फलस्वरूप बिहार सहित राजस्थान देश के अन्तिम दो राज्यों में पहॅुच गया था।
एडीजी ने बताया कि वर्ष 2016 में स्टेट क्राईम रिकॉर्ड्स ब्यूरो, राजस्थान, जयपुर द्वारा ’प्रोजेक्टर इम्लीमेन्टेशन प्लान’ को संशोधित रूप दिया गया एवं नई योजना के अनुसार इस परियोजना पर कार्य शुरू किया गया। फलस्वरूप मार्च एवं अप्रेल 2017 में दो माह से भी अल्प अवधि में राजस्थान के समस्त थानों में सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर में डेटा एन्ट्री प्रारम्भ की गई।
इसी प्रकिया में थानों का रोजनामचा भी ऑनलाईन किया जा चुका है। सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर में अब तक 1,14,008 एफआईआर, 28,797 गिरफ्तारी, 29,356 फाइनल रिपोर्ट, 5,689 मिसिंग पर्सन रिपोर्ट तथा 6,498 मर्ग दर्ज की जा चुकी हैं।
एडीजी ने बताया कि वर्ष 2016 में स्टेट क्राईम रिकॉर्ड्स ब्यूरो, राजस्थान, जयपुर द्वारा ’प्रोजेक्टर इम्लीमेन्टेशन प्लान’ को संशोधित रूप दिया गया एवं नई योजना के अनुसार इस परियोजना पर कार्य शुरू किया गया। फलस्वरूप मार्च एवं अप्रेल 2017 में दो माह से भी अल्प अवधि में राजस्थान के समस्त थानों में सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर में डेटा एन्ट्री प्रारम्भ की गई।
इसी प्रकिया में थानों का रोजनामचा भी ऑनलाईन किया जा चुका है। सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर में अब तक 1,14,008 एफआईआर, 28,797 गिरफ्तारी, 29,356 फाइनल रिपोर्ट, 5,689 मिसिंग पर्सन रिपोर्ट तथा 6,498 मर्ग दर्ज की जा चुकी हैं।