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पांच साल से फाइलों में दबा था जौहरी मर्डर केस, ये शख्स निकला कातिल
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 11 Jan 2018 07:58 PM IST
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बीच में खड़ा है जौहरी की हत्या का आरोपी
- फोटो : Vishnu Sharma
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पांच साल पहले एक जौहरी की निर्ममता के साथ दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी, कई जांच अधिकारी बदले लेकिन कातिल पकड़ा नहीं जा सका था। फाईल भी लगभग दबी ही पड़ी थी। लेकिन पुलिस ने उम्मीद नहीं छोड़ी और पांच साल बाद स्पेशल टीम में शामिल दो पुलिसकर्मियों ने इस हत्याकांड का पर्दाफाश कर कातिल को ढूंढ निकाला।
पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने बताया कि सुमर मांझी उर्फ समर मांझी उम्र 28 साल तहसील कटुआ, जिला वर्धमान पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। वह जयपुर के प्रताप नगर इलाके में जेईसीआरसी कॉलेज के पीछे एक मकान में किराए से रहता है।
चौड़ा रास्ता स्थित स्टाईल टेलर की गली में 25 अगस्त 2013 को जौहरी रामबाबू जायसवाल गंभीर घायल हालत में अपनी जवाहरात की गद्दी में मिला था। उसके सिर में गहरी चोटें थी। उसकी अस्पताल में मौत हो गई थी। तब माणकचौक थाने में रामबाबू के भाई विनोद जायसवाल ने हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया था।
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पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने बताया कि सुमर मांझी उर्फ समर मांझी उम्र 28 साल तहसील कटुआ, जिला वर्धमान पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। वह जयपुर के प्रताप नगर इलाके में जेईसीआरसी कॉलेज के पीछे एक मकान में किराए से रहता है।
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चौड़ा रास्ता स्थित स्टाईल टेलर की गली में 25 अगस्त 2013 को जौहरी रामबाबू जायसवाल गंभीर घायल हालत में अपनी जवाहरात की गद्दी में मिला था। उसके सिर में गहरी चोटें थी। उसकी अस्पताल में मौत हो गई थी। तब माणकचौक थाने में रामबाबू के भाई विनोद जायसवाल ने हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया था।
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यू हो गई थी जान-पहचान, बाइक रखी गिरवी
प्रेस कॉफ्रेंस में जानकारी देते पुलिस अधिकारी
- फोटो : Vishnu Sharma
एडिशनल डीसीपी गोपाल स्वरूप के मुताबिक स्पेशल टीम में शामिल हैड कांस्टेबल अशोक पूनियां व कांस्टेबल मोहम्मद इस्लाम को मुखबिर से सूचना मिली की घटनास्थल पर मिली मोटरसाइकिल के मालिक समर बंगाली ने ही हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। तब दोनों पुलिसकर्मियों ने प्रताप नगर से आरोपी समर मांझी को धरदबोचा।
उसे थाने पर लाकर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपी समर ने जुर्म कबूल कर लिया। थानाप्रभारी चैनाराम बेड़ा के मुताबिक के मुताबिक पूछताछ में आरोपी समर बंगाली ने बताया कि मृतक जौहरी रामबाबू जायसवाल से सोना-चांदी खरीदने व रुपए ब्याज पर देने का काम करता था।
हत्या के 5-6 महीने पहले सुमर बंगाली व रामबाबू जायसवाल के बीच चांदी का सामान बेचने की वजह से जान-पहचान हो गई थी। तब समर बंगाली को रुपए की आवश्यकता हुई। इस पर उसने अपनी पल्सर बाइक को रामबाबू जायसवाल के पास ब्याज पर गिरवी रख दिया।
उसे थाने पर लाकर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपी समर ने जुर्म कबूल कर लिया। थानाप्रभारी चैनाराम बेड़ा के मुताबिक के मुताबिक पूछताछ में आरोपी समर बंगाली ने बताया कि मृतक जौहरी रामबाबू जायसवाल से सोना-चांदी खरीदने व रुपए ब्याज पर देने का काम करता था।
हत्या के 5-6 महीने पहले सुमर बंगाली व रामबाबू जायसवाल के बीच चांदी का सामान बेचने की वजह से जान-पहचान हो गई थी। तब समर बंगाली को रुपए की आवश्यकता हुई। इस पर उसने अपनी पल्सर बाइक को रामबाबू जायसवाल के पास ब्याज पर गिरवी रख दिया।
इस बात पर हुआ विवाद, हथौड़े से किए वार
murder
- फोटो : Demo pic
काफी समय तक समर बंगाली ने रामबाबू को न तो ब्याज के रुपए दिए, न ही मूल रकम लौटाई। इस पर रामबाबू ने समर बंगाली पर उधारी के रुपए लौटाने का दबाव बनाया। इससे परेशान होकर समर बंगाली वारदात के दिन रात 9 बजे रामबाबू जायसवाल की जवाहरात की गद्दी पर पहुंचा। वहां रुपए व ब्याज के पैसों की बात को लेकर उन दोनों के बीच कहासुनी हो गई।
इससे गुस्साए समर मांझी ने रामबाबू जायसवाल को धक्का देकर गद्दे पर गिरा दिया और वहां रखे हथोड़े से सिर पर ताबड़तोड़ वार किया और अचेत होने पर रामबाबू को वहीं छोड़कर भाग निकला। तब मौके पर पुलिस को समर बंगाली की बाइक मिली।
वारदात में उसका हाथ माना गया। लेकिन पांच साल तक वह हाथ नहीं आया। एडिशनल डीसीपी नार्थ प्रथम गोपाल स्वरूप मेवाड़ा व एसीपी माणकचौक बृजेन्द्र सिंह भाटी के निर्देशन में थानाधिकारी चैनाराम के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। जिसमें हैडकांस्टेबल अशोक सिंह, हरिओम सिंह, अशोक पूनियां, मोहम्मद इस्लाम को शामिल किया गया।
इससे गुस्साए समर मांझी ने रामबाबू जायसवाल को धक्का देकर गद्दे पर गिरा दिया और वहां रखे हथोड़े से सिर पर ताबड़तोड़ वार किया और अचेत होने पर रामबाबू को वहीं छोड़कर भाग निकला। तब मौके पर पुलिस को समर बंगाली की बाइक मिली।
वारदात में उसका हाथ माना गया। लेकिन पांच साल तक वह हाथ नहीं आया। एडिशनल डीसीपी नार्थ प्रथम गोपाल स्वरूप मेवाड़ा व एसीपी माणकचौक बृजेन्द्र सिंह भाटी के निर्देशन में थानाधिकारी चैनाराम के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। जिसमें हैडकांस्टेबल अशोक सिंह, हरिओम सिंह, अशोक पूनियां, मोहम्मद इस्लाम को शामिल किया गया।