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जयपुर बवाल: भरत की मौत भी क्या आदिल की तरह उपद्रव में हुई, उठा सवाल
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 12 Sep 2017 02:22 PM IST
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भरत की मौत के बाद बिलखती मां व बहन
- फोटो : Vishnu Sharma
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार रात को भड़के उपद्रव के दौरान गोली लगने से हुई आदिल की मौत के बाद एक और दिव्यांग भरत कोडवानी की मौत पर रहस्य और आक्रोश बरकरार है। बड़ा सवाल यह है कि भरत की मौत रामगंज में उपजे हिंसा की वजह से हुई या फिर प्राकृतिक कारणों से। इस खुलासे के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
आज एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में मेडिकल बोर्ड की टीम ने भरत के शव का पोस्टमार्टम किया। साथ ही, परनामी ने भरत के परिजनों को आर्थिक व अन्य सहायता मुहैया करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने शव लिया। लेकिन अभी भी भरत की मौत के कारणों पर असमंजस बरकरार है।
उसके विसरा सैंपल को एफएसएल को भिजवाया जाएगा। ताकि मौत के पुख्ता कारणों का पता चल सके। यह बात भी सामने आई है कि भरत गर्दन के दाहिनी तरफ लाल रंग का निशान है। पुलिस का दावा है कि इस निशान से भरत की मौत नहीं हो सकती है। वहीं, भरत के शरीर पर किसी भी अन्य जाहिराना चोट के निशान नहीं है।
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आज एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में मेडिकल बोर्ड की टीम ने भरत के शव का पोस्टमार्टम किया। साथ ही, परनामी ने भरत के परिजनों को आर्थिक व अन्य सहायता मुहैया करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने शव लिया। लेकिन अभी भी भरत की मौत के कारणों पर असमंजस बरकरार है।
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उसके विसरा सैंपल को एफएसएल को भिजवाया जाएगा। ताकि मौत के पुख्ता कारणों का पता चल सके। यह बात भी सामने आई है कि भरत गर्दन के दाहिनी तरफ लाल रंग का निशान है। पुलिस का दावा है कि इस निशान से भरत की मौत नहीं हो सकती है। वहीं, भरत के शरीर पर किसी भी अन्य जाहिराना चोट के निशान नहीं है।
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परिजनों लगा रहे हैं आरोप
भरत के चचेरे भाई
- फोटो : Vishnu Sharma
भरत के चाचा तोलाराम, चचेरे भाई कमलेश व अन्य परिजनों का आरोप है कि भरत की मौत भी हिंसा के दौरान ही हुई। जिसे पुलिस ने दबाए रखा। उन्होंने भी हिंसा में गोली लगने से मारे गए आदिल के समान ही भरत की इकलौती बूढ़ी मां को आर्थिक मुआवजा व अन्य सरकारी मदद देने की मांग की।
गौरतलब है कि शुक्रवार को रामगंज में बाइक सवार एक महिला के पुलिस का डंडा लगने की मामूली बात को लेकर समुदाय विशेष के हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने रामगंज थाने में पथराव किया। वहां खड़ी सरकारी और प्राइवेट गाड़ियों में आग लगा दी। तोड़फोड़ की।
उपद्रव में असामाजिक तत्वों को कंट्रोल में करने के लिए पहले पुलिस ने लाठीचार्ज किया। फिर आंखू गैस के गोले छोड़े और फिर भी उपद्रव कंट्रोल नहीं हुआ तो हवाई फायर किए। इसमें चार दरवाजा निवासी आदिल की मौत हो गई। उसके दो गोलियां लगी।
गौरतलब है कि शुक्रवार को रामगंज में बाइक सवार एक महिला के पुलिस का डंडा लगने की मामूली बात को लेकर समुदाय विशेष के हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने रामगंज थाने में पथराव किया। वहां खड़ी सरकारी और प्राइवेट गाड़ियों में आग लगा दी। तोड़फोड़ की।
उपद्रव में असामाजिक तत्वों को कंट्रोल में करने के लिए पहले पुलिस ने लाठीचार्ज किया। फिर आंखू गैस के गोले छोड़े और फिर भी उपद्रव कंट्रोल नहीं हुआ तो हवाई फायर किए। इसमें चार दरवाजा निवासी आदिल की मौत हो गई। उसके दो गोलियां लगी।
तब हिंदू संगठनों में आक्रोश व्याप्त हो गया और...
उपद्रव के बाद तैनात पुलिस बल
- फोटो : Vishnu Sharma
रामगंज बाजार में ठाकुर पचेवर के रास्ते के समीप एक ई रिक्शा में कृष्णा नगर, ब्रहृमपुरी निवासी भरत कोडवानी अचेत पड़ा मिला। जिसे माणकचौक थानाप्रभारी चैनाराम ने एंबुलेंस से एसएमएस अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर्स ने भरत को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मृग रिपोर्ट दर्ज कर ली। भरत के परिजनों को फोन कर उसकी तबीयत बिगड़ने पर एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाने की जानकारी भी फोन पर दी।
लेकिन दो दिन तक भरत का पता नहीं चला। इसके बाद कल भरत के परिजनों को रामगंज थाना पुलिस ने उसकी शुक्रवार रात को मौत होने की सूचना दी। तब हिंदू संगठनों में आक्रोश व्याप्त हो गया और कल मोर्चरी पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी कर आर्थिक मदद मुहैया करवाने की मांग की।
लेकिन दो दिन तक भरत का पता नहीं चला। इसके बाद कल भरत के परिजनों को रामगंज थाना पुलिस ने उसकी शुक्रवार रात को मौत होने की सूचना दी। तब हिंदू संगठनों में आक्रोश व्याप्त हो गया और कल मोर्चरी पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी कर आर्थिक मदद मुहैया करवाने की मांग की।