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21 साल पुराने मेहर सिंह मौत प्रकरण सीबीआई को देने से हाईकोर्ट का इंकार

अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Tue, 23 May 2017 06:41 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने 21 साल पहले हुए पुलिस सब इंस्पेक्टर मेहरसिंह हत्याकांड की जांच सीबीआई को देने से इंकार कर दिया है। अदालत ने पुलिस की ओर से किए जा रहे प्रयासों को सकारात्मक बताते हुए इस संबंध में दायर अपील को खारिज कर दिया है।मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्राजोग और न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश रामरती देवी की ओर से दायर अपील को खारिज करते हुए दिए।
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सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने पेश होकर अदालत में अपनी रिपोर्ट पेश की। जांच अधिकारी की ओर से कहा गया कि प्रकरण में राज्य सरकार की विभिन्न जांच एजेन्सियों की मदद ली गई है, लेकिन अभी तक मौत के कारणों को पता नहीं चला है। हालांकि अभी भी जांच लंबित है। जांच अधिकारी के बयानों को रिकॉर्ड पर लेते हुए खंडपीठ ने अपील को खारिज कर दिया। 


अपील में कहा गया कि याचिकाकर्ता के पति मेहरसिंह पुलिस उपनिरीक्षक के पद पर थे। उनकी 30 सितंबर 1996 को ड्यूटी के दौरान हत्या हो गई थी। पुलिस को सिसोदिया रानी बाग के पास उनकी जली हुई लाश मिली थी। वहीं सडक़ पर केरोसीन भी पाया गया था। घटना को लेकर जवाहरनगर थाना पुलिस में मुकदमा भी दर्ज कराया गया।

याचिका में आरोप लगाया गया कि पुलिस ने सही ढ़ंग से हत्या का मामला दर्ज नहीं किया। ऐसे में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। याचिका पर सुनवाई करते हुए गत 22 फरवरी को एकलपीठ ने याचिका खारिज करते हुए पुलिस को संबंधित निचली अदालत में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। 

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