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जर्जर पुलों पर नहीं दौड़ी एम्बुलेंस, स्कूल के बरामदे में हुआ प्रसव
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 21 Jul 2017 03:53 PM IST
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new born baby dead
- फोटो : Demo pic
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एम्बुलेंस के प्रसव पीड़ा झेल रही एक गर्भवती तक पहुंचने के लिए दो रास्ते थे और दोनों पर जर्जर पुल से होकर गुजरना था, लेकिन अनहोनी की आशंका के कारण एम्बुलेंस पुल पर नहीं चढ़ी। इस कारण गर्भवती की जान सांसत में फंस गई।
एम्बुलेंस के नहीं पहुंच पाने के कारण महिला के परिजन घबरा गए, लेकिन इस मुश्किल घड़ी में मददगार बनी एक एएनएम, जिसने तत्काल गर्भवती महिला को समीपवर्ती सरकारी स्कूल पहुंचाया और वहां बरामदे में सुरक्षित प्रसव करवाया।
यह घटना राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित झाड़ोल तहसील में आज सुबह हुई। जहां एक गर्भवती महिला को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए झाड़ोल से रवाना हुई एंबुलेंस झांझरपाल-मगवास मार्ग पर भारी बारिश की वजह से थोबवाड़ा के निकट पुल के क्षतिग्रस्त होने से मौके पर नहीं पहुंच सकी।
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ड्राइवर को आशंका हुई कि जर्जर पुलिया पार करते वक्त संतुलन बिगड़ने से एंबुलेंस नदी में गिर सकती है। इसलिए उसने पुल पर गाड़ी नहीं चढ़ाई।
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एम्बुलेंस के नहीं पहुंच पाने के कारण महिला के परिजन घबरा गए, लेकिन इस मुश्किल घड़ी में मददगार बनी एक एएनएम, जिसने तत्काल गर्भवती महिला को समीपवर्ती सरकारी स्कूल पहुंचाया और वहां बरामदे में सुरक्षित प्रसव करवाया।
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यह घटना राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित झाड़ोल तहसील में आज सुबह हुई। जहां एक गर्भवती महिला को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए झाड़ोल से रवाना हुई एंबुलेंस झांझरपाल-मगवास मार्ग पर भारी बारिश की वजह से थोबवाड़ा के निकट पुल के क्षतिग्रस्त होने से मौके पर नहीं पहुंच सकी।
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ड्राइवर को आशंका हुई कि जर्जर पुलिया पार करते वक्त संतुलन बिगड़ने से एंबुलेंस नदी में गिर सकती है। इसलिए उसने पुल पर गाड़ी नहीं चढ़ाई।
स्कूल पहुंच 'किताबो' ने सम्भाली कमान और दिखाई हिम्मत
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- फोटो : Demo pic
परेशान परिजनों ने स्थानीय एएनएम किताबो को फोन कर बुलाया। तब तक परिजन गर्भवती महिला को झांझरपाल सरकारी स्कूल परिसर तक ले आए। वहां एएनएम ने एक कोशिश और कर ओगणा से एम्बुलेंस बुलाई। लेकिन काढ़ा गांव के निकट भी पुल क्षतिग्रस्त मिला। इससे दूसरी एम्बुलेंस भी नहीं आ सकी।
आखिरकार एएनएम किताबो दुपहिया वाहन चालकों से मदद लेकर झांझरपाल सरकारी स्कूल पहुंची। वहां स्कूल के सभी कमरे बंद नजर आए। तब एएनएम किताबो ने खुले बरामदे में ही आड़ लगवाई और महिला का सुरक्षित प्रसव कराया।
घटना से स्थानीय ग्रामीण काफी आक्रोशित हो गए। उनका कहना था कि समय रहते प्रशासन ने जर्जर पुलों की मरम्मत पिछले एक साल से नहीं करवाई।
इससे तेज बारिश होने से क्षतिग्रस्त पुल मददगार होने के बजाए जानलेवा साबित हो सकते है। इन जर्जर पुलों पर से गुजरना मुश्किल हो गया है।
वहीं, पीडब्ल्यूडी के एईएन यूनुस पीरजादा का कहना है कि दो दिन पहले ही पुल की मरम्मत करवाई थी, लेकिन भारी बारिश के बाद मिट्टी में कटाव से पुल फिर क्षतिग्रस्त हो गया।
आखिरकार एएनएम किताबो दुपहिया वाहन चालकों से मदद लेकर झांझरपाल सरकारी स्कूल पहुंची। वहां स्कूल के सभी कमरे बंद नजर आए। तब एएनएम किताबो ने खुले बरामदे में ही आड़ लगवाई और महिला का सुरक्षित प्रसव कराया।
घटना से स्थानीय ग्रामीण काफी आक्रोशित हो गए। उनका कहना था कि समय रहते प्रशासन ने जर्जर पुलों की मरम्मत पिछले एक साल से नहीं करवाई।
इससे तेज बारिश होने से क्षतिग्रस्त पुल मददगार होने के बजाए जानलेवा साबित हो सकते है। इन जर्जर पुलों पर से गुजरना मुश्किल हो गया है।
वहीं, पीडब्ल्यूडी के एईएन यूनुस पीरजादा का कहना है कि दो दिन पहले ही पुल की मरम्मत करवाई थी, लेकिन भारी बारिश के बाद मिट्टी में कटाव से पुल फिर क्षतिग्रस्त हो गया।