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Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Diver empty hand, chahak not found Fateh sagar lake udaipur

गोताखोर खाली हाथ, नहीं मिली फतहसागर झील में डूबी चहक 

Tue, 30 May 2017 06:57 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Tue, 30 May 2017 06:57 PM IST
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Diver empty hand, chahak not found Fateh sagar lake udaipur
फतहसागर झील में डूबी चहक - फोटो : Amar Ujala
उदयपुर जिले की फतहसागर झील में सोमवार शाम को दो बोट्स् के टकराने के बाद पानी में डूबी मासूम चहक का दूसरे दिन भी पता नहीं चला। घटना के बाद मंगलवार को फिर से तीन—चार बोट्स पर सवार गोताखोरों ने फतहसागर झील में डूबी चहक की तलाश शुरु की। कई बार जाल भी फेंका, लेकिन गोताखोर खाली हाथ रहे। 
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गोताखोरों का मानना है कि झील में घटनास्थल के आस-पास अत्यधिक मात्रा में जलीय घास व काई है। संभवतः बच्ची उसमें ही फंस गई। इसलिए शव उपर नहीं आ रहा है। गौरतलब है कि जयपुर में लोहामंड़ी रोड हरमाडा निवासी सीए विद्याधर सैनी अपनी पत्नी दीपिका सैनी, 4 साल की बेटी चहक और जवाहरात कारोबारी मित्र सुमित शर्मा अपनी पत्नी वंदना शर्मा और दो बच्चों के साथ रविवार को उदयपुर घूमने गए थे। सोमवार शाम करीब 4 बजे दोनों परिवार बोटिंग करने के लिए छह सीटर स्पीड बोट में बैठे थे। विद्याधर सैनी अपनी 4 साल की बच्ची चहक को और सुमित अपने 7 साल के बच्चे को गोद में लिए आगे वाली सीट पर बैठे थे। पीछे वाली दोनों सीट पर वंदना शर्मा और दीपिका सैनी अपने छोटे बच्चे को गोद में लिए बैठी हुई थीं।
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तभी उनकी बोट आगे चल रही 20 सीटर मोटर बोट से टकरा गई। इससे आगे की सीट पर बैठे सुमित, उसका बच्चा, विद्याधर और उसकी गोद में बैठी बेटी चहक बड़ी बोट से टकराने पर उछले और पानी में डूब गए। लाइफ जैकेट पहना होने से सुमित शर्मा, विद्याधर सैनी और सुमित का 7 साल का बेटा पानी में ऊपर तैरते रहे, लेकिन विद्याधर की 4 साल की बेटी चहक के गले से लाइफ जैकेट निकल गया और झील में डूब गई। 
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...अब वह चहक के बिना जयपुर कैसे वापस जाएगी

Diver empty hand, chahak not found Fateh sagar lake udaipur
गोताखोर खाली हाथ रहे - फोटो : Amar Ujala
दुर्घटना के बाद से चहक की मां दीपिका की हालत रो रोकर बिगड़ गई। वह कभी न्यूरोसर्जरी वार्ड में भर्ती पति विद्यासागर सैनी को अचेत देखकर रो पड़ती है तो कभी बेटी चहक को याद करते हुए वार्ड में आने— जाने वाले से यही पूछती है उसकी चहक मिल तो जाएगी ना। उसका पता लगा क्या। कोई उसे ले आओ।  

रुंधे गले से दीपिका ने बताया कि वह पहली बार उदयपुर घूमने आई थी। उसकी मासूम बेटी सबसे ज्यादा खुश थी। उसके​ लिए काफी सारे खिलौने और कपड़े भी खरीदे थे। अब वह बिना चहक के जयपुर कैसे वापस जाएगी। दीपिका ने बताया कि उन्होंने बोट के ड्राइवर को तेज स्पीड में बोट चलाने से मना किया था। लेकिन उसने बात नहीं सुनी और हादसा हो गया।
 
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