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मां-बेटे साथ नहीं रहकर भी मरना साथ चाहते थे, जानिए क्यों
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 14 Nov 2017 03:48 PM IST
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अस्पताल के बाहर परिजन
- फोटो : amar ujala
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अलवर शहर के एनईबी थाना इलाके के एनईबी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में आज सुबह मां-बेटे ने विषाक्त खा लिया। बेटा दिल्ली में रेलवे में सेक्शन इंजीनियर के पद पर कार्यरत है, जिसे इलाज के लिए जयपुर रैफर किया गया है। वहीं, उसकी मां की मौत हो गई।
एनईबी थाने के सहायक उपनिरीक्षक रामपाल ने बताया कि आज सुबह सानिया हॉस्पिटल से सूचना मिली कि मां-बेटे ने विषाक्त खा लिया है और हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इसके बाद मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली तो एनईबी हाउसिंग बोर्ड निवासी 56 वर्षीय दर्शना कौर और उसका 30 वर्षीय बेटा इंद्रजीत सिंह द्वारा अज्ञात कारणों के चलते विषाक्त खाने का पता चला। हॉस्पिटल में उपचार के दौरान दर्शना कौर ने दम तोड़ दिया, जबकि रेलवे में सेक्शन इंजीनियर बेटा इंद्रजीत सिंह को जयपुर के लिए रैफर किया गया है। अभी उसकी भी हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में बताया कि दर्शना कोर का अपने पति से विवाद चल रहा था इसलिए मां-बेटे दोनों अलग रहते थे। विषाक्त पदार्थ खाने के कारणों का अभी कोई पता नहीं चला है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया है।
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एनईबी थाने के सहायक उपनिरीक्षक रामपाल ने बताया कि आज सुबह सानिया हॉस्पिटल से सूचना मिली कि मां-बेटे ने विषाक्त खा लिया है और हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इसके बाद मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली तो एनईबी हाउसिंग बोर्ड निवासी 56 वर्षीय दर्शना कौर और उसका 30 वर्षीय बेटा इंद्रजीत सिंह द्वारा अज्ञात कारणों के चलते विषाक्त खाने का पता चला। हॉस्पिटल में उपचार के दौरान दर्शना कौर ने दम तोड़ दिया, जबकि रेलवे में सेक्शन इंजीनियर बेटा इंद्रजीत सिंह को जयपुर के लिए रैफर किया गया है। अभी उसकी भी हालत गंभीर बनी हुई है।
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पुलिस ने प्रारंभिक जांच में बताया कि दर्शना कोर का अपने पति से विवाद चल रहा था इसलिए मां-बेटे दोनों अलग रहते थे। विषाक्त पदार्थ खाने के कारणों का अभी कोई पता नहीं चला है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया है।
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