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सेना भर्ती गोरखधंधाः इंडियन आर्मी में खुद को मेजर-कर्नल बताते थे ये ठग

Wed, 24 May 2017 04:47 PM IST
Updated Wed, 24 May 2017 04:47 PM IST
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army recruitment scam,In the Indian Army, they used to describe Major and Colonel
आरोपी महेंद्र ओला व नंद सिंह - फोटो : Vishnu Sharma
भारतीय सेना में भर्ती की 100 प्रतिशत गारंटी के वादे से बेरोजगार युवकों को प्रलोभन देकर मोटी रकम हड़पने के लिए गिरोह के सदस्य कई चालाकियां करते थे। इसका मकसद सिर्फ यही था कि किसी भी तरह सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा युवक उनके चंगुल में फंस जाए और मोटी रकम अदा कर दें।
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गिरोह का मास्टरमाइंड महेंद्र ओला और आरोपी नंद सिंह शानो—शौकत और अपना रुतबा भी ऐसा ही दिखाते थे। कोचिंग के छात्रों के सामने आर्मी आॅफिसर के जैसे ही व्यवहार—बातचीत करते थे। लक्जरी और महंगे दामों वाली गाड़ियां उपयोग में लेते। ताकि छात्र और अभ्यर्थी उन पर विश्वास कर ले। एटीएस के एडीजी उमेश मिश्रा के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि बालाजी फिजीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का मालिक महेंद्र ओला खुद को आर्मी में कर्नल होना बताता था। वहीं, आरोपी नंद सिंह खुद को मेजर होना बताता था।
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बेरोजगार युवाओं और अभ्यर्थियों से मुलाकात करते वक्त या फिर कोचिंग के लिए एडमिशन करवाते समय महेंद्र ओला व नंद सिंह एक दूसरे को सेना के इसी रैंक पद यानी मेजर और कर्नल कहकर संबोधित करते थे। साथ ही, आर्मी में अपनी रसूखात के चलते बेरोजगार युवकों को गारंटी से भर्ती करवाने का दावा जताते थे।
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आर्मी कैंटीन की शराब की बोतलें मिलना एक बड़ा सवाल

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डेमो पिक - फोटो : Demo pic
एडीजी मिश्रा के मुताबिक महेंद्र ओला का आलीशान मकान के अलावा मुरलीपुरा में एक मॉल भी है और एक महंगी कार है। उन्होंने कहा कि एनसीसी डिफेंस एकेडमी के संचालक आरोपी सुनील व्यास के घर से आर्मी कैंटीन में मिलने वाली 24 शराब की बोतलें मिलने के बाद उसे हरमाड़ा थाना पुलिस आबकारी एक्ट का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर रही है। इसके बाद उसे प्रोडक्शन वांरट पर जेल से लेकर पूछताछ की जाएगी।

एडीजी मिश्रा ने कहा कि आर्मी कैंटीन की शराब की इतनी बोतलें मिलना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। लेकिन फिलहाल सेना के किसी अधिकारी या ​कर्मचारी के इस गिरोह से जुड़ाव के प्रमाण नहीं मिले है। यदि केस के अनुसंधान में इस तरह का तथ्य पाया गया तो पुलिस के अधिकारी आर्मी के अधिकारियों से इन तथ्यों से अवगत करवाएंगे। वहीं, आर्मी भी अपने स्तर पर मामले को देख रही है।
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