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एसीबी का छापा: गरीबों को गेहूं पहुंच रहा है आटा मिल में, पकड़ी गड़बड़ी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 10 Oct 2017 09:45 PM IST
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गेहूं
- फोटो : अमर उजाला
चयनित परिवार के लिए आवंटित गेहूं को आटा मिल संचालकों बेचकर गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है। एसीबी ने आज राजस्थान के कई जिलों में एफसीआई के गोदाम, राशन डीलरों, होल सेलर और आटा मिल्स के गोदामों पर छापा मारा।
एसीबी ने जयपुर के विश्वकर्मा इलाके में तीन आटा मिल गोदाम समेत भीलवाड़ा, उदयपुर व जोधपुर के गोदामों पर भी कार्रवाई की। इस दौरान एसीबी ने आटा मिल गोदाम, एफसीआई गोदाम व राशन डीलरों के यहां से गेहूं खरीद, वर्तमान स्टॉक, बिजली के बिल, आटा बेचने व ट्रांसपोर्ट से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। एसीबी के आईजी वीके सिंह ने बताया कि दस्तावेजों की जांच की जा रही है और दोषी लोगों के खिलाफ मुकदमें दर्ज किए जाएंगे। एसीबी की प्रारंभिक जांच में राशन डीलर व एफसीआई गोदाम के अफसरों के भूमिका संदिग्ध आई है।
एसीबी के सूत्रों ने बताया कि चयनित परिवारों को राशन की दुकान से गेहूं दो रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से मिलता है। इस गेंहू को होल सेलर राशन की दुकान में नहीं देकर एफसीआई गोदाम के अफसरों व राशन डीलरों से मिलीभगत करके आटा मिल संचालकों को 10 से 12 रुपए किलोग्राम के हिसाब से बेच रहे है। इस गेहूं से आटा बनाकर 18 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से बाजार में बेचा जा रहा है। मुनाफे में से बड़ा हिस्सा एफसीआई और रसद विभाग के अफसरों तक पहुंचने की बात सामने आ रही है।
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एसीबी ने जयपुर के विश्वकर्मा इलाके में तीन आटा मिल गोदाम समेत भीलवाड़ा, उदयपुर व जोधपुर के गोदामों पर भी कार्रवाई की। इस दौरान एसीबी ने आटा मिल गोदाम, एफसीआई गोदाम व राशन डीलरों के यहां से गेहूं खरीद, वर्तमान स्टॉक, बिजली के बिल, आटा बेचने व ट्रांसपोर्ट से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। एसीबी के आईजी वीके सिंह ने बताया कि दस्तावेजों की जांच की जा रही है और दोषी लोगों के खिलाफ मुकदमें दर्ज किए जाएंगे। एसीबी की प्रारंभिक जांच में राशन डीलर व एफसीआई गोदाम के अफसरों के भूमिका संदिग्ध आई है।
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एसीबी के सूत्रों ने बताया कि चयनित परिवारों को राशन की दुकान से गेहूं दो रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से मिलता है। इस गेंहू को होल सेलर राशन की दुकान में नहीं देकर एफसीआई गोदाम के अफसरों व राशन डीलरों से मिलीभगत करके आटा मिल संचालकों को 10 से 12 रुपए किलोग्राम के हिसाब से बेच रहे है। इस गेहूं से आटा बनाकर 18 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से बाजार में बेचा जा रहा है। मुनाफे में से बड़ा हिस्सा एफसीआई और रसद विभाग के अफसरों तक पहुंचने की बात सामने आ रही है।
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