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अवैध संबंध के शक ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 20 Mar 2017 05:58 PM IST
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हत्या के आरोपियों को न्यायालय में पेशी पर ले जाती पुलिस
- फोटो : amar ujala
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अवैध संबंधों के शक में भाई को मौत के घाट उतारने वाले हत्यारे भाई व उसके साथी को न्यायालय ने दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामला अजमेर के तिहारी गांव का है।
अतिरिक्त जिला न्यायालय के लोक अभियोजक शशिप्रकाश इन्दौरिया ने बताया कि गत सितंबर माह में तिहारी गांव निवासी सुखपाल ने अपने साथी शैतान के साथ मिलकर अपने भाई राजेन्द्र की बोलेरो कार से कुचलकर हत्या कर दी थी। दो दिन बाद उसकी लाश जंवार के खेत से बरामद हुई थी। इन्दौरिया ने बताया कि राजेन्द्र के किसी अन्य महिला से अवैध संबंध थे जिसको लेकर परिवार में झगड़ा चलता रहता था। इसी परिस्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुखपाल को गिरफ्तार भी किया था।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 24 गवाह और 66 दस्तावेज न्यायालय के सामने पेश किए गए। इसके मद्देनजर न्यायाधीश सीमा अग्रवाल ने आरोपी सुखपाल और शैतान को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद और जुर्माने से दंडित किया।
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इन्दौरिया ने यह भी कहा कि मृतक के सभी रिश्तेदार भी इसमें होस्टाईल हो गए थे। लेकिन इसके बावजूद न्यायालय ने परिस्थितियों को देखते हुए मामले में जल्द से जल्द अपना फैसला सुनाते हुए आरोपियों को सजा से दंडित किया।
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अतिरिक्त जिला न्यायालय के लोक अभियोजक शशिप्रकाश इन्दौरिया ने बताया कि गत सितंबर माह में तिहारी गांव निवासी सुखपाल ने अपने साथी शैतान के साथ मिलकर अपने भाई राजेन्द्र की बोलेरो कार से कुचलकर हत्या कर दी थी। दो दिन बाद उसकी लाश जंवार के खेत से बरामद हुई थी। इन्दौरिया ने बताया कि राजेन्द्र के किसी अन्य महिला से अवैध संबंध थे जिसको लेकर परिवार में झगड़ा चलता रहता था। इसी परिस्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुखपाल को गिरफ्तार भी किया था।
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मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 24 गवाह और 66 दस्तावेज न्यायालय के सामने पेश किए गए। इसके मद्देनजर न्यायाधीश सीमा अग्रवाल ने आरोपी सुखपाल और शैतान को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद और जुर्माने से दंडित किया।
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इन्दौरिया ने यह भी कहा कि मृतक के सभी रिश्तेदार भी इसमें होस्टाईल हो गए थे। लेकिन इसके बावजूद न्यायालय ने परिस्थितियों को देखते हुए मामले में जल्द से जल्द अपना फैसला सुनाते हुए आरोपियों को सजा से दंडित किया।