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भंवरी देवी अपहरण व हत्या: सीबीआई को कोर्ट ने दिया करारा झटका
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 16 Aug 2017 08:02 PM IST
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एएनएम भंवरी देवी अपहरण व हत्या के मामले में एसटी एससी कोर्ट द्वारा सीबीआई की अर्जी खारिज होने से उसे करारा झटका लगा है।
सीबीआई की ओर से गवाह डीएनए एक्सपर्ट अम्बर.डी.कार को अमेरिका से बुलाया जाना था, लेकिन उसके नही आने पर सीबीआई ने कोर्ट में अर्जी पेश की थी कि वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिये अम्बर बी कार की गवाही करवाई जाए।
पिछली सुनवाई पर अनुसूचित जाति जनजाति अदालत के पीठासीन अधिकारी मधुसुदन शर्मा ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट ने अब अर्जी को खारिज करते हुए गवाह को समन जारी कर उसे तामिल करवाने के निर्देश दिए हैं।
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सीबीआई की ओर से गवाह डीएनए एक्सपर्ट अम्बर.डी.कार को अमेरिका से बुलाया जाना था, लेकिन उसके नही आने पर सीबीआई ने कोर्ट में अर्जी पेश की थी कि वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिये अम्बर बी कार की गवाही करवाई जाए।
पिछली सुनवाई पर अनुसूचित जाति जनजाति अदालत के पीठासीन अधिकारी मधुसुदन शर्मा ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट ने अब अर्जी को खारिज करते हुए गवाह को समन जारी कर उसे तामिल करवाने के निर्देश दिए हैं।
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कोर्ट ने दिया ये तर्क
CBI
बचाव पक्ष के अधिवक्ता संजय विश्नोई ने बताया कि क्योंकि गवाह को आज तक समन अदम तामिल नही हुआ ऐसे में कैसे कहा जा सकता है कि वह जिन्दा है या नही या उसी पते पर रहती है या नही गवाह की तरफ से भी आज तक समन को लेकर कोई रेस्पॉन्स नही किया गया था।
ऐसे वीडियो कॉन्फेंसिंग से कैसे गवाही हो सकती है कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलो को मानते हुए सीबीआई की अर्जी को खारिज कर दिया है। अम्बर बी कार सीबीआई की अहम गवाह है क्योंकि उसने ही मृतका भंवरी की हड्डियों की जांच कर रिपोर्ट दी थी ऐसे में अब सीबीआई को समन तामिल करवाने के बाद ही गवाही के लिए इंतजार करना होगा।
ऐसे वीडियो कॉन्फेंसिंग से कैसे गवाही हो सकती है कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलो को मानते हुए सीबीआई की अर्जी को खारिज कर दिया है। अम्बर बी कार सीबीआई की अहम गवाह है क्योंकि उसने ही मृतका भंवरी की हड्डियों की जांच कर रिपोर्ट दी थी ऐसे में अब सीबीआई को समन तामिल करवाने के बाद ही गवाही के लिए इंतजार करना होगा।