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सेवा से हटाने का दस साल पुराना आदेश रद्द
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 29 May 2017 06:43 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने आरएसी में तैनात कॉन्सटेबल को मीडिया में बयान देने पर पद से हटाने के दस साल पुराने आदेश को रद्द कर दिया है।
इसके साथ ही अदालत ने कॉन्सटेबल को पुन: सेवा में लेने के आदेश देते हुए एक माह में याचिकाकर्ता को समस्त परिलाभ देने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश सत्येन्द्र सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता जीएस फौजदार ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता आरएसी में मार्च 1995 को नियुक्त किया गया था। याचिकाकर्ता को 31 जनवरी 2007 को यह कहते हुए सेवा से पृथक कर दिया कि उसने मीडिया में पुलिस बल के खिलाफ बयानबाजी की और अफसरों को मारने की धमकी भी दी। याचिका में कहा गया कि सेवा से पृथक करने से पूर्व न तो याचिकाकर्ता को नोटिस दिया गया और न ही उसके खिलाफ जांच की गई। ऐसे में उसे सेवा से अलग करना विधि विरूद्ध है।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को पद से हटाने का आदेश रद्द करते हुए उसे समस्त परिलाभ के साथ एक माह में नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं।
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इसके साथ ही अदालत ने कॉन्सटेबल को पुन: सेवा में लेने के आदेश देते हुए एक माह में याचिकाकर्ता को समस्त परिलाभ देने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश सत्येन्द्र सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता जीएस फौजदार ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता आरएसी में मार्च 1995 को नियुक्त किया गया था। याचिकाकर्ता को 31 जनवरी 2007 को यह कहते हुए सेवा से पृथक कर दिया कि उसने मीडिया में पुलिस बल के खिलाफ बयानबाजी की और अफसरों को मारने की धमकी भी दी। याचिका में कहा गया कि सेवा से पृथक करने से पूर्व न तो याचिकाकर्ता को नोटिस दिया गया और न ही उसके खिलाफ जांच की गई। ऐसे में उसे सेवा से अलग करना विधि विरूद्ध है।
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जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को पद से हटाने का आदेश रद्द करते हुए उसे समस्त परिलाभ के साथ एक माह में नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं।