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डीएनए ने खोले विक्षिप्त से Rape के राज, अब उम्र कटेगी जेल में
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 28 Aug 2017 07:25 PM IST
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- फोटो : google
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शहर की महिला उत्पीडऩ एवं दहेज प्रकरण मामलों की विशेष अदालत ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए विक्षिप्त से हुए दुष्कर्म के चलते पैदा हुई लड़की के डीएनए जांच से अभियुक्त का पितृत्व निर्धारण होने पर अभियुक्त लड्डू गोपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सजा के साथ ही पीठासीन अधिकारी रेखा राठौड़ ने अभियुक्त पर दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामले के अनुसार अभियुक्त महिला एवं बाल पुनर्वास गृह, जयपुर में सफाई कर्मचारी था। यहां उसने 1994 को यहां रहने वाली विक्षिप्त महिला से दुष्कर्म किया। प्रकरण में अभियुक्त को 10 अगस्त 1994 को गिरफ्तार किया गया। निचली अदालत ने विक्षिप्त के 164 के बयानों के आधार पर अभियुक्त को 26 फरवरी 2002 को दस साल की सजा सुनाई थी। इसे अभियुक्त की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने 3 जनवरी 2007 को सजा रद्द कर पुन: जांच के आदेश दिए।
सुनवाई के दौरान अदालत की जानकारी में आया कि दुष्कर्म से विक्षिप्त महिला ने पुत्री को जन्म दिया था। इस पर अदालत ने पीडि़ता उसकी पुत्री और अभियुक्त का डीएनए टेस्ट कराने के आदेश दिए। रिपोर्ट में आया कि अभियुक्त ही दुष्कर्म के चलते पैदा हुई युवती का पिता है। इस पर अदालत ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
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सजा के साथ ही पीठासीन अधिकारी रेखा राठौड़ ने अभियुक्त पर दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामले के अनुसार अभियुक्त महिला एवं बाल पुनर्वास गृह, जयपुर में सफाई कर्मचारी था। यहां उसने 1994 को यहां रहने वाली विक्षिप्त महिला से दुष्कर्म किया। प्रकरण में अभियुक्त को 10 अगस्त 1994 को गिरफ्तार किया गया। निचली अदालत ने विक्षिप्त के 164 के बयानों के आधार पर अभियुक्त को 26 फरवरी 2002 को दस साल की सजा सुनाई थी। इसे अभियुक्त की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने 3 जनवरी 2007 को सजा रद्द कर पुन: जांच के आदेश दिए।
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सुनवाई के दौरान अदालत की जानकारी में आया कि दुष्कर्म से विक्षिप्त महिला ने पुत्री को जन्म दिया था। इस पर अदालत ने पीडि़ता उसकी पुत्री और अभियुक्त का डीएनए टेस्ट कराने के आदेश दिए। रिपोर्ट में आया कि अभियुक्त ही दुष्कर्म के चलते पैदा हुई युवती का पिता है। इस पर अदालत ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
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