{"_id":"599c3b194f1c1b4b0a8b4585","slug":"court-asks-why-not-give-admission-in-third-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रा को क्यों नहीं दिया प्रवेश तृतीय वर्ष में प्रवेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रा को क्यों नहीं दिया प्रवेश तृतीय वर्ष में प्रवेश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 22 Aug 2017 08:00 PM IST
विज्ञापन
Demo Pic
- फोटो : google
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रोफसर से मारपीट के आरोप में निलंबित की गई छात्रा को विधि संकाय के तृतीय वर्ष में प्रवेश नहीं देने पर राजस्थान विवि के रजिस्ट्रार और विधि महाविद्यालय के प्रिंसीपल को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश पूजा वर्मा की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता सतीश खंडेलवाल ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता विधि महाविद्यालय की नियमित छात्रा है। प्रोफेसर आरएन शर्मा से मारपीट के मामले में उसे गत 10 जुलाइ को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। वहीं अगले दिन विवि प्रशासन ने उसका निलंबन कर दिया। याचिका में कहा गया कि गत 3 अगस्त को एलएलबी द्वितीय वर्ष का परिणाम जारी कर याचिकाकर्ता को सफल घोषित कर दिया। इसके बावजूद अब उसे तृतीय वर्ष में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते न तो वह अध्ययन कर पा रही है और न ही छात्रसंघ चुनाव में मताधिकार का प्रयोग कर सकेगी। याचिका में कहा गया कि वह तीरदांजी की राष्ट्रीय खिलाड़ी भी है, लेकिन विवि से निलंबन के कारण वह खेल में विवि का प्रतिनिधित्व भी नहीं कर सकेगी। ऐसे में उसका निलंबन आदेश रद्द कर तृतीय वर्ष में प्रवेश दिलाया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने विवि प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश पूजा वर्मा की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता सतीश खंडेलवाल ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता विधि महाविद्यालय की नियमित छात्रा है। प्रोफेसर आरएन शर्मा से मारपीट के मामले में उसे गत 10 जुलाइ को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। वहीं अगले दिन विवि प्रशासन ने उसका निलंबन कर दिया। याचिका में कहा गया कि गत 3 अगस्त को एलएलबी द्वितीय वर्ष का परिणाम जारी कर याचिकाकर्ता को सफल घोषित कर दिया। इसके बावजूद अब उसे तृतीय वर्ष में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते न तो वह अध्ययन कर पा रही है और न ही छात्रसंघ चुनाव में मताधिकार का प्रयोग कर सकेगी। याचिका में कहा गया कि वह तीरदांजी की राष्ट्रीय खिलाड़ी भी है, लेकिन विवि से निलंबन के कारण वह खेल में विवि का प्रतिनिधित्व भी नहीं कर सकेगी। ऐसे में उसका निलंबन आदेश रद्द कर तृतीय वर्ष में प्रवेश दिलाया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने विवि प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
विज्ञापन