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दो माह के लिए लटका राजे सरकार का विवादित बिल, अब अगले सत्र में होगा पेश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:40 PM IST
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राजेन्द्र सिंह राठौड़
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एक बिल को लेकर आलोचना का सामना कर रही राजे सरकार अब एक कदम पीछे हटी है। आज सदन की सहमति के बाद विवादित बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा गया है।
संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि अब यह 'दंड विधियां (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश-2017' आगामी सत्र में पेश किया जाएगा। करीब दो माह तक सेलेक्ट कमेटी में बिल पर चर्चा की जाएगी।
गौरतलब है कि अब सरकार बिल में प्रस्तावित अभियोजन स्वीकृति की समयावधि को 180 दिन से घटाकर 90 दिन करने पर विचार कर सकती है। वहीं मीडिया की स्वतंत्रता पर लगे प्रतिबंध को भी हटाया जा सकता है।
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संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि अब यह 'दंड विधियां (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश-2017' आगामी सत्र में पेश किया जाएगा। करीब दो माह तक सेलेक्ट कमेटी में बिल पर चर्चा की जाएगी।
गौरतलब है कि अब सरकार बिल में प्रस्तावित अभियोजन स्वीकृति की समयावधि को 180 दिन से घटाकर 90 दिन करने पर विचार कर सकती है। वहीं मीडिया की स्वतंत्रता पर लगे प्रतिबंध को भी हटाया जा सकता है।
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अभी कम नहीं हुई हैं मुश्किलें
राजस्थान विधानसभा
हालांकि सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों का कहना है कि बिल में सम्मलित विभिन्न बिंदुओं को लेकर जो भी हंगामा बरपा है, उन बिंदुओं को सहमति के बाद दूर कर लिया जाएगा। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक घनश्याम तिवाड़ी का कहना है कि सरकार इस बिल को वापस लें।
जबकि कांग्रेस के नेता भी इसे काला कानून बताते हुए वापस लेने की मांग कर रहे हैं। विपक्षियों और अपने नेताओं के रुख को देखते हुए सरकार के लिए सदन चलाने मुश्किल भरा साबित होगा।
जबकि कांग्रेस के नेता भी इसे काला कानून बताते हुए वापस लेने की मांग कर रहे हैं। विपक्षियों और अपने नेताओं के रुख को देखते हुए सरकार के लिए सदन चलाने मुश्किल भरा साबित होगा।