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स्वाइन फ्लू से 37 मौतों के बाद अब जागी सरकार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 17 May 2017 02:04 PM IST
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फाइल फोटो।
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राजस्थान में जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के कारण 37 लोगों दम तोड़ चुके है। इस बीमारी के कारण प्रदेश की राजधानी जयपुर में ही 11 मौतें हुई है। मौत के बढ़ते आंकड़ें के बाद अब राज्य सरकार हरकत में आई है।
चिकित्सा विभाग ने प्रदेशवासियों से स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण प्रतीत होने पर बिना घबराये तत्काल निकटवर्ती चिकित्सा केन्द्र पर जाकर जांच करवाने का आग्रह किया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ ने बताया कि इन व्यवस्थाओं की निदेशालय स्तर पर दैनिक मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू की निगरानी एवं पॉजिटिव पाये जाने पर उपचार सहित तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए राज्य नियंत्रण कक्ष सहित सभी जिलों में स्वाइन फ्लू नियंत्रण कक्ष कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि टोल फ्री 104 से स्वाइन फ्लू के लक्षण, जांच एवं उपचार के विषय में आवश्यक जानकारी ली जा सकती हैं एवं आवश्यक सूचनाएं दी जा सकती हैं। नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 0141-2225624 है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सभी छह राजकीय मेडिकल कॉलेज, जयपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर एवं डीएमआरसी जोधपुर सहित 7 राजकीय संस्थाओं में निःशुल्क जांच की जा रही है। राजकीय चिकित्सक के परामर्श पर निःशुल्क एवं स्वंय द्वारा जांच कराने पर 500 रूपये की राशि से यह सुविधा उपलब्ध है।
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निःशुल्क जांच की सुविधा
चिकित्सा शिक्षा सचिव आनंद कुमार ने निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की। इस बैठक में निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने चिकित्सा शिक्षा सचिव के आग्रह पर स्वाइन फ्लू की निःशुल्क जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की। इसके अतिरिक्त शहर के प्रमुख निजी चिकित्सा संस्थानों ने भी स्वाईन फ्लू की निःशुल्क जांच उपलब्ध कराने की सहमति दी है।
अतिरिक्त निदेशक डॉ.आदित्य आत्रेय ने बताया कि स्वाइन फ्लू के जांच हेतु सैम्पल कलेक्शन की सुविधा राज्य में सभी राजकीय चिकित्सालयों में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि स्वाईन के उपचार हेतु टेमीफ्लू सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध है। निजी चिकित्सा संस्थानों को उनकी मांग के अनुरूप यह दवा उपलब्ध करवायी जा रही है। उन्होंने बताया कि बुखार, सिरदर्द, गले में खरास, नाक बहना एवं उल्टी दस्त आदि लक्षण प्रतीत होने पर तुरन्त चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है।
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चिकित्सा विभाग ने प्रदेशवासियों से स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण प्रतीत होने पर बिना घबराये तत्काल निकटवर्ती चिकित्सा केन्द्र पर जाकर जांच करवाने का आग्रह किया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ ने बताया कि इन व्यवस्थाओं की निदेशालय स्तर पर दैनिक मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू की निगरानी एवं पॉजिटिव पाये जाने पर उपचार सहित तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए राज्य नियंत्रण कक्ष सहित सभी जिलों में स्वाइन फ्लू नियंत्रण कक्ष कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि टोल फ्री 104 से स्वाइन फ्लू के लक्षण, जांच एवं उपचार के विषय में आवश्यक जानकारी ली जा सकती हैं एवं आवश्यक सूचनाएं दी जा सकती हैं। नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 0141-2225624 है।
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स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सभी छह राजकीय मेडिकल कॉलेज, जयपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर एवं डीएमआरसी जोधपुर सहित 7 राजकीय संस्थाओं में निःशुल्क जांच की जा रही है। राजकीय चिकित्सक के परामर्श पर निःशुल्क एवं स्वंय द्वारा जांच कराने पर 500 रूपये की राशि से यह सुविधा उपलब्ध है।
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निःशुल्क जांच की सुविधा
चिकित्सा शिक्षा सचिव आनंद कुमार ने निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की। इस बैठक में निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने चिकित्सा शिक्षा सचिव के आग्रह पर स्वाइन फ्लू की निःशुल्क जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की। इसके अतिरिक्त शहर के प्रमुख निजी चिकित्सा संस्थानों ने भी स्वाईन फ्लू की निःशुल्क जांच उपलब्ध कराने की सहमति दी है।
अतिरिक्त निदेशक डॉ.आदित्य आत्रेय ने बताया कि स्वाइन फ्लू के जांच हेतु सैम्पल कलेक्शन की सुविधा राज्य में सभी राजकीय चिकित्सालयों में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि स्वाईन के उपचार हेतु टेमीफ्लू सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध है। निजी चिकित्सा संस्थानों को उनकी मांग के अनुरूप यह दवा उपलब्ध करवायी जा रही है। उन्होंने बताया कि बुखार, सिरदर्द, गले में खरास, नाक बहना एवं उल्टी दस्त आदि लक्षण प्रतीत होने पर तुरन्त चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है।