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कम कीमत पर प्राइवेट अस्पतालों में जटिल रोग से पीड़ित बच्चों का होगा इलाज
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 30 May 2017 01:50 PM IST
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कालीचरण सर्राफ।
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प्रदेश में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत रैफर किए गए बच्चों के तुरंत उपचार के लिए निजी चिकित्सालयों को जोड़ने के नए प्रावधान किए जा रहे हैं। इनके तहत प्रक्रिया को सरल बनाकर केन्द्र सरकार से स्वीकृत दरों पर निर्धारित उपचार पैकेज उपलब्ध कराने के लिए सहमत अधिक से अधिक प्राइवेट अस्पतालों को राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम से सम्बद्ध किया जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया कि इन प्रावधानों को लागू करने से राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों व राजकीय विद्यालयों के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जटिल रोगों से ग्रस्त बच्चों को अब अपने उपचार के लिए प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। इन बच्चों को जिलास्तर पर ही यथाशीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए अधिक से अधिक निजी चिकित्सालयों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा।
486 मोबाइल हैल्थ टीमों द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर स्वास्थ्य जांच
स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन ने सोमवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम दो दिवसीय कार्यशाला में समीक्षा की एवं आवशयक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्यालयों में अवकाश के दौरान इस समय आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सघन स्वास्थ्य जांच की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इस समय त्रैमास अभियान के तहत 486 मोबाइल हैल्थ टीमों द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
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जैन ने बताया कि आरबीएसके के तहत् हृदय रोग के 584, तालू-कटे फटे होंट समस्या के 384, क्लब फूट के 177, द्वष्टि दोष संबंधी 2654, मोतियाबिंद के 113 व दंत रोग संबंधी 3462 बच्चों सहित अन्य रोगों के लगभग 460 बच्चों की विभिन्न राजकीय व निजी चिकित्सालयों में नि:शुल्क सर्जरी की जा चुकी है।
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया कि इन प्रावधानों को लागू करने से राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों व राजकीय विद्यालयों के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जटिल रोगों से ग्रस्त बच्चों को अब अपने उपचार के लिए प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। इन बच्चों को जिलास्तर पर ही यथाशीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए अधिक से अधिक निजी चिकित्सालयों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा।
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486 मोबाइल हैल्थ टीमों द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर स्वास्थ्य जांच
स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन ने सोमवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम दो दिवसीय कार्यशाला में समीक्षा की एवं आवशयक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्यालयों में अवकाश के दौरान इस समय आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सघन स्वास्थ्य जांच की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इस समय त्रैमास अभियान के तहत 486 मोबाइल हैल्थ टीमों द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
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जैन ने बताया कि आरबीएसके के तहत् हृदय रोग के 584, तालू-कटे फटे होंट समस्या के 384, क्लब फूट के 177, द्वष्टि दोष संबंधी 2654, मोतियाबिंद के 113 व दंत रोग संबंधी 3462 बच्चों सहित अन्य रोगों के लगभग 460 बच्चों की विभिन्न राजकीय व निजी चिकित्सालयों में नि:शुल्क सर्जरी की जा चुकी है।