{"_id":"59ba63a34f1c1b1e688b4813","slug":"children-s-death-case-issued-notice-to-the-state-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों की मौत का मामला, राज्य सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों की मौत का मामला, राज्य सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 14 Sep 2017 04:40 PM IST
विज्ञापन
डेमो इमेज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्यपीठ ने बांसवाड़ा जिला अस्पताल में हुई नवजात की मौतों के मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नन्द्राजोग व जस्टिस आर.एस. झाला की खंडपीठ ने मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए तीस अक्टूबर को जवाब तलब किया है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता श्याम सुन्दर लादरेचा को नोटिस थमाते हुए जवाब मांगा है। पिछले दिनों राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश व चेयरमैन हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास ने बांसवाडा में नवजात बच्चो की मौत के मामले में गंभीरता दिखाते हुए संज्ञान लेकर सात दिन में रिपोर्ट मांगी थी। 63 दिनों मे 90 मौत से व्यथित हो कर स्वप्रेरणा से संज्ञान लिया व ईद का अवकाश होने के बावजूद राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के उप सचिव को बुलाकर बांसवाडा से तुरंत विभिन्न बिंदुओं पर तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की थी।
बांसवाडा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बनाई गई रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा हुआ है। अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी व सफाई व्यवस्था नहीं थी जिसके बाद हाईकोर्ट ने स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर करते हुए सीजे नन्द्राजोग ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता श्याम सुन्दर लादरेचा को नोटिस थमाते हुए जवाब मांगा है। पिछले दिनों राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश व चेयरमैन हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास ने बांसवाडा में नवजात बच्चो की मौत के मामले में गंभीरता दिखाते हुए संज्ञान लेकर सात दिन में रिपोर्ट मांगी थी। 63 दिनों मे 90 मौत से व्यथित हो कर स्वप्रेरणा से संज्ञान लिया व ईद का अवकाश होने के बावजूद राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के उप सचिव को बुलाकर बांसवाडा से तुरंत विभिन्न बिंदुओं पर तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की थी।
विज्ञापन
बांसवाडा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बनाई गई रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा हुआ है। अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी व सफाई व्यवस्था नहीं थी जिसके बाद हाईकोर्ट ने स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर करते हुए सीजे नन्द्राजोग ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
विज्ञापन