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गांव—गांव में गूंजेगा, राजस्थान में अब बाल विवाह नहीं होगा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 14 Apr 2017 01:56 PM IST
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राजस्थान में गांव—गांव, ढाणी—ढाणी अब सुनने को मिलेगा कि, राजस्थान में अब बाल विवाह नहीं होगा...।
दरअसल, यह एक गीत के बोल है जो राजस्थान सरकार की ओर से बाल विवाह को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अक्षय तृतीया पर होने वाले बाल विवाहों को रोकने और लोगों को जागरूक करने के लिए यह विशेष गीत पिछले साल तैयार करवाया था। इसके बोल हैं बाल विवाह नहीं होगा अब राजस्थान में...।
इस गीत को अपनी आवाज देने वाले सिंगर भी राजस्थान से ही ताल्लुक रखने वाले रविन्द्र उपाध्याय हैं। इस पूरे गीत में बेटियों की भावनाओं को दिल से उतारा गया है। इसमें उनके बचपन से लेकर बड़े होने तक कि मासूमियत, शिक्षा और उनकी मन के एहसास को शब्दों में पिरोया गया है। सरकार की मानें तो यह गीत प्रदेश के गांव—गांव, ढाणी—ढाणी में बजेगा तो लोगों के मन में बेटियों के प्रति आदर का भाव पैदा होगा।
इसे विभाग की वेबसाइट से से डाउनलोड किया जा सकता है। इस गीत को मोाबाइल की रिंग टोन भी बनाया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री अनिता भदेल का कहना है कि यह गीत बाल विवाह रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के लिए इस बार भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
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दरअसल, यह एक गीत के बोल है जो राजस्थान सरकार की ओर से बाल विवाह को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अक्षय तृतीया पर होने वाले बाल विवाहों को रोकने और लोगों को जागरूक करने के लिए यह विशेष गीत पिछले साल तैयार करवाया था। इसके बोल हैं बाल विवाह नहीं होगा अब राजस्थान में...।
इस गीत को अपनी आवाज देने वाले सिंगर भी राजस्थान से ही ताल्लुक रखने वाले रविन्द्र उपाध्याय हैं। इस पूरे गीत में बेटियों की भावनाओं को दिल से उतारा गया है। इसमें उनके बचपन से लेकर बड़े होने तक कि मासूमियत, शिक्षा और उनकी मन के एहसास को शब्दों में पिरोया गया है। सरकार की मानें तो यह गीत प्रदेश के गांव—गांव, ढाणी—ढाणी में बजेगा तो लोगों के मन में बेटियों के प्रति आदर का भाव पैदा होगा।
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इसे विभाग की वेबसाइट से से डाउनलोड किया जा सकता है। इस गीत को मोाबाइल की रिंग टोन भी बनाया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री अनिता भदेल का कहना है कि यह गीत बाल विवाह रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के लिए इस बार भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
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