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बाल मजदूरी के दलदल से मुक्त करवाए मासूम
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 15 May 2017 04:49 PM IST
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कोटा के डीसीएम इलाके में सोमवार को चाइल्ड लाइन और मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बालश्रम से 9 बच्चों को मुक्त करवाया है। बच्चे ढाबे, आॅटो पार्ट्स और नमकीन भंडार पर काम कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, पढ़ने की उम्र में यह बच्चे मात्र 50 रूपए रोज में मजदूरी कर रहे थे। चाइल्ड लाईन की रैकी के बाद मानव तस्करी यूनिट के सदस्यों ने ढाबे, आॅटो पार्ट्स और नमकीन भंडार पर छापा मारा और 9 बच्चों को मुक्त करवाया। उद्योग नगर पुलिस ने बाल श्रम अधिनियम के तहत बच्चों से मजदूरी कराने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
डीसीएम क्षेत्र से लेकर रायपुर तक मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने यह कार्रवाई की। यूनिट के इंचार्ज रामपाल सिंह ने बताया कि पारेता नमकीन भंडार, बाबा आॅटो पार्ट्स, महाकाल भोजनालय पर 10 से 17 वर्ष की उम्र के बच्चों से यहां काम करवाया जा रहा था। यूनिट के सदस्यों ने बालश्रमिकों को मुक्त करवाकर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की।
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जानकारी के अनुसार, पढ़ने की उम्र में यह बच्चे मात्र 50 रूपए रोज में मजदूरी कर रहे थे। चाइल्ड लाईन की रैकी के बाद मानव तस्करी यूनिट के सदस्यों ने ढाबे, आॅटो पार्ट्स और नमकीन भंडार पर छापा मारा और 9 बच्चों को मुक्त करवाया। उद्योग नगर पुलिस ने बाल श्रम अधिनियम के तहत बच्चों से मजदूरी कराने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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डीसीएम क्षेत्र से लेकर रायपुर तक मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने यह कार्रवाई की। यूनिट के इंचार्ज रामपाल सिंह ने बताया कि पारेता नमकीन भंडार, बाबा आॅटो पार्ट्स, महाकाल भोजनालय पर 10 से 17 वर्ष की उम्र के बच्चों से यहां काम करवाया जा रहा था। यूनिट के सदस्यों ने बालश्रमिकों को मुक्त करवाकर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की।
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