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नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करना पड़ा महंगा, अब हुई जेल
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 13 Oct 2017 08:02 PM IST
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जयपुर शहर अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-12 ने नौकरी लगाने और किसानों को लोन दिलाने के नाम पर करोडों रुपए की ठगी करने वाले अभियुक्त सज्जन सिंह राठौड़ को दो अलग-अलग मामलों में दो-दो साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर कुल 18 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। वहीं अदालत ने करीब दस लोगों को बरी कर दिया। जबकि छह आरोपी फरार चल रहे हैं।
मामले के अनुसार अभियुक्त ने अन्य लोगों से मिलीभगत कर एम्फोड नाम की कपंनी खोलकर नौकरी लगाने के नाम पर बीस हजार रुपए की राशि जमानत के तौर पर रखी। वेतन नहीं मिलने पर रूपाराम ने 1994 में अशोक नगर थाने में ठगी का मामला दर्ज कराया। इसी तरह किसानों को ट्रेक्टर लोन स्वीकृत कराने के मामले में पुलिस ने ढाई करोड रुपए की ठगी करने पर 1994 में ही अभियुक्त के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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मामले के अनुसार अभियुक्त ने अन्य लोगों से मिलीभगत कर एम्फोड नाम की कपंनी खोलकर नौकरी लगाने के नाम पर बीस हजार रुपए की राशि जमानत के तौर पर रखी। वेतन नहीं मिलने पर रूपाराम ने 1994 में अशोक नगर थाने में ठगी का मामला दर्ज कराया। इसी तरह किसानों को ट्रेक्टर लोन स्वीकृत कराने के मामले में पुलिस ने ढाई करोड रुपए की ठगी करने पर 1994 में ही अभियुक्त के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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