{"_id":"59242c034f1c1b3e6a537a04","slug":"chandraswami-has-connections-from-rajasthan","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानिए, बहरोड़ का नेमीचंद कैसे बन गया चंद्रास्वामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानिए, बहरोड़ का नेमीचंद कैसे बन गया चंद्रास्वामी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 23 May 2017 08:16 PM IST
विज्ञापन
तांत्रिक चंद्रास्वामी
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत के राजनीतिक गलियारों में विवादित चंद्रा स्वामी का निधन मंगलवार को दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में हो गया। एक जमाने में सरकार बनाने—बिगाड़ने के खेल में शामिल रहे चंद्रास्वामी उनका असली नाम नहीं है। उनका नाम नेमीचंद जैन है और उनका जन्म राजस्थान के अलवर जिले के बहरोड़ कस्बे में हुआ था।
चंद्रा स्वामी का जन्म उनका 1948 में हुआ था। वे अपने पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। कुछ समय बाद वे अपने पिता के साथ हैदराबाद चले गए। इसके बाद नेमीचंद कांग्रेस से जुड़े तब पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हाराव आंध्र प्रदेश में कांग्रेस के अध्यक्ष थे। इस दौरान उनका राव से सम्पर्क हुआ। उन्हें आंध्रप्रदेश कांग्रेस का महासचिव बनाया गया। इसके बाद एक दिन अचानक नेमीचंद गायब हो जाते है और फिर कुछ साल बाद चंद्रास्वामी बन कर लौटे। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने नेपाल के जंगलों में तपस्या की। इस दौरान वे अमरमुनि नामक एक साधु के संपर्क में आ गए। उनके शिष्य बने और तंत्र साधना में रम गए।
इसके बाद तांत्रिक के तौर पर उनकी देश—विदेश में पहचान बनी। चंद्रस्वामी सबसे पहले तब चर्चा में आए जब राजीव गांधी सरकार में मंत्री नरसिम्हा राव के ज्योतिष सलाहकार के तौर पर उन्हें जाना जाने लगा, बाद में नरसिंह राव पीएम बन गए।
विज्ञापन
उन्हें इंदिरा गांधी ने कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया में विश्व धर्मायतन संस्थान आश्रम बनाने के लिए जमीन दी थी। दुनिया की जानी मानी हस्तियों के वे सलाहकार रहे। इस लिस्ट में ब्रुनेई के सुल्तान, ब्रिटेन की पीएम मार्गेट थ्यैचर और हॉलीवुड एक्ट्रेस एलिजाबेद टेलर जैसी हस्तियां शामिल थीं।
उन पर धोखाधड़ी का आरोप भी लग चुका है। लंदन के बिजनेस मेन ने उन पर एक लाख डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप लगाया। हथियारों के सौदागर के साथ रिश्तों और राजीव गांधी हत्याकांड में भी उनका नाम सुर्खियों में रहा।
विज्ञापन
चंद्रा स्वामी का जन्म उनका 1948 में हुआ था। वे अपने पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। कुछ समय बाद वे अपने पिता के साथ हैदराबाद चले गए। इसके बाद नेमीचंद कांग्रेस से जुड़े तब पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हाराव आंध्र प्रदेश में कांग्रेस के अध्यक्ष थे। इस दौरान उनका राव से सम्पर्क हुआ। उन्हें आंध्रप्रदेश कांग्रेस का महासचिव बनाया गया। इसके बाद एक दिन अचानक नेमीचंद गायब हो जाते है और फिर कुछ साल बाद चंद्रास्वामी बन कर लौटे। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने नेपाल के जंगलों में तपस्या की। इस दौरान वे अमरमुनि नामक एक साधु के संपर्क में आ गए। उनके शिष्य बने और तंत्र साधना में रम गए।
विज्ञापन
इसके बाद तांत्रिक के तौर पर उनकी देश—विदेश में पहचान बनी। चंद्रस्वामी सबसे पहले तब चर्चा में आए जब राजीव गांधी सरकार में मंत्री नरसिम्हा राव के ज्योतिष सलाहकार के तौर पर उन्हें जाना जाने लगा, बाद में नरसिंह राव पीएम बन गए।
विज्ञापन
उन्हें इंदिरा गांधी ने कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया में विश्व धर्मायतन संस्थान आश्रम बनाने के लिए जमीन दी थी। दुनिया की जानी मानी हस्तियों के वे सलाहकार रहे। इस लिस्ट में ब्रुनेई के सुल्तान, ब्रिटेन की पीएम मार्गेट थ्यैचर और हॉलीवुड एक्ट्रेस एलिजाबेद टेलर जैसी हस्तियां शामिल थीं।
उन पर धोखाधड़ी का आरोप भी लग चुका है। लंदन के बिजनेस मेन ने उन पर एक लाख डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप लगाया। हथियारों के सौदागर के साथ रिश्तों और राजीव गांधी हत्याकांड में भी उनका नाम सुर्खियों में रहा।