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बच्चे कर रहे थे स्कूल जाने तैयारी कि भर-भराकर गिर गई छत
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 26 Jul 2017 01:16 PM IST
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जैसलमेर के चैनपुरा स्थित सरकारी स्कूल का भवन इनसैट में कक्षा की छत से गिरा प्लास्टर
- फोटो : amar ujala
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जैसलमेर शहर के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चैनपुरा की एक क्लास की छत गिर गई मगर गनीमत यह रही कि यह हादसा स्कूल शुरु होने के समय नहीं हुआ वरना बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन इन सबके बीच सरकारी भवनों की जर्जर स्थिति के बीच विद्यार्थियों को डर के साए में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
इस स्कूल में कुल 240 विद्यार्थी अध्ययनरत है। पुराना भवन होने के कारण भवन की छत में से पानी टपकना आम बात है लेकिन उसके बावजूद अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जिसका खमियाजा विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। इन सबमें चौंकाने वाली बात यह है कि विद्यालय भवन के जर्जर होने के बाद भी अधिकारी इसकी सुध नहीं ले रहे है जिससे कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है।
राउप्रावि चैनपुरा में तीन भवन अत्यधिक जर्जर स्थिति में पहुंच गए है। साथ ही बरसात होने की स्थिति में स्कूल में पानी का भराव भी हो जाता है। लेकिन उसके बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा इन जर्जर भवनों में विद्यालय संचालित किए जा रहे है। हालांकि जर्जर भवन में पढ़ाई नहीं करवाई जा रही है लेकिन उसके बाद एक ही कक्ष में तीन से चार कक्षाएं चलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई भी चौपट हो रही है।
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जैसलमेर में अधिकांश विद्यालय जर्जर भवनों में ही संचालित हो रहे है। बरसात के मौसम में उनके गिरने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता है। लेकिन उसके बावजूद जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जिससे विद्यार्थियों के जीवन पर संकट पैदा हो रहा है।
विद्यालय भवन में तीन कमरे अत्यधिक जर्जर स्थिति में पहुंच गए है। इन कमरों को बंद कर दिया गया है। साेमवार को एक कमरा खाेला तो उसकी छत नीचे गिर गई है। गनीमत है कि यह घटना विद्यालय बंद समय में ही घटित हुई। इसके साथ ही अन्य कमरों की स्थिति भी दयनीय है। इस स्थिति में कक्षाओं को एक साथ बिठाकर पढ़ाई करवाई जा रही है।
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इस स्कूल में कुल 240 विद्यार्थी अध्ययनरत है। पुराना भवन होने के कारण भवन की छत में से पानी टपकना आम बात है लेकिन उसके बावजूद अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जिसका खमियाजा विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। इन सबमें चौंकाने वाली बात यह है कि विद्यालय भवन के जर्जर होने के बाद भी अधिकारी इसकी सुध नहीं ले रहे है जिससे कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है।
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राउप्रावि चैनपुरा में तीन भवन अत्यधिक जर्जर स्थिति में पहुंच गए है। साथ ही बरसात होने की स्थिति में स्कूल में पानी का भराव भी हो जाता है। लेकिन उसके बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा इन जर्जर भवनों में विद्यालय संचालित किए जा रहे है। हालांकि जर्जर भवन में पढ़ाई नहीं करवाई जा रही है लेकिन उसके बाद एक ही कक्ष में तीन से चार कक्षाएं चलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई भी चौपट हो रही है।
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जैसलमेर में अधिकांश विद्यालय जर्जर भवनों में ही संचालित हो रहे है। बरसात के मौसम में उनके गिरने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता है। लेकिन उसके बावजूद जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जिससे विद्यार्थियों के जीवन पर संकट पैदा हो रहा है।
विद्यालय भवन में तीन कमरे अत्यधिक जर्जर स्थिति में पहुंच गए है। इन कमरों को बंद कर दिया गया है। साेमवार को एक कमरा खाेला तो उसकी छत नीचे गिर गई है। गनीमत है कि यह घटना विद्यालय बंद समय में ही घटित हुई। इसके साथ ही अन्य कमरों की स्थिति भी दयनीय है। इस स्थिति में कक्षाओं को एक साथ बिठाकर पढ़ाई करवाई जा रही है।