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बॉर्डर पर वेलकम: कैमल सफारी से ये मैसेज देने पहुंची लेडी आॅफिसर्स
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 23 Aug 2017 02:12 PM IST
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कैमल सफारी
- फोटो : amar ujala
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आज भारत-पाकिस्तान बॉर्डर इलाके में खास नजारा देखने को मिला। यहां जैसे ही ऊंट पर बैठा महिलाओं का दल आया तो बीएसएफ जवानों ने इनका स्वागत हार पहनाकर किया।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश लेकर कैमल सफारी का ये दल 15 अगस्त को गुजरात से रवाना हुआ था। दल आज जैसलमेर की सीमा पर स्थित 56वीं वाहिनी की सीमा चौकी रायधनवाला पर पहुंचा। यहां बीएसएफ क्षेत्रीय मुख्यालय के अधिकारियों और जवानों द्वारा दल का भव्य स्वागत किया गया। दल के सदस्यों को गले में हार पहनाए गए और उनके द्वारा बेटी बचाने का संदेश देने के लिए की गई पहल को सराहा गया। कैमल सफारी के इस दल में सीमा सुरक्षा बल की 11 और वायुसेना की 9 महिला अधिकारी शामिल हैं।
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दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश लेकर कैमल सफारी का ये दल 15 अगस्त को गुजरात से रवाना हुआ था। दल आज जैसलमेर की सीमा पर स्थित 56वीं वाहिनी की सीमा चौकी रायधनवाला पर पहुंचा। यहां बीएसएफ क्षेत्रीय मुख्यालय के अधिकारियों और जवानों द्वारा दल का भव्य स्वागत किया गया। दल के सदस्यों को गले में हार पहनाए गए और उनके द्वारा बेटी बचाने का संदेश देने के लिए की गई पहल को सराहा गया। कैमल सफारी के इस दल में सीमा सुरक्षा बल की 11 और वायुसेना की 9 महिला अधिकारी शामिल हैं।
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इसके बाद यहां होगी दल की रवानगी
हार पहनाकर स्वागत करते
- फोटो : amar ujala
बेटी बचाओ, बेटी पढाओ के संदेश को कैमल सफारी की महिला सदस्यों द्वारा जिले के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। यहां दल की सदस्य सीमावर्ती गांव के ग्रामीणों को बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई व समाज में बेटी के महत्व को बताएगा। करीब एक सप्ताह तक जैसलमेर जिले के सीमावर्ती गांवों में बेटी बचाने का संदेश देने के बाद यह दल बीकानेर रवाना होगा। जहां से ये 2 अक्टूबर को पंजाब के वाघा बार्डर तक पहुंचेगा।