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केबिनेट का फैसला: गोल्ड जीता तो बनेंगे आरएएस—आरपीएस
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 17 May 2017 09:26 PM IST
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वसंधरा राजे
- फोटो : getty images
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राजस्थान में बुधवार को आयोजित केबिनेट की बैठक में खिलाड़ियों को सीधी नौकरी का लाभ देने और चारागाह भूमि पर खनन की मंजूरी देने समेत कई अहम फैसले लिए गए।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर खेल के क्षेत्र में नाम रोशन करने वाले आउट आॅफ टर्न जाकर नौकरी दी जाएगी। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि ‘राजस्थान आउट ऑफ टर्न अपॉइन्टमेंट टू स्पोर्ट्स विनर्स रूल्स-2017‘ का अनुमोदन किया है। अब राज्य सरकार ओलम्पिक के पदक विजेताओं, एशियाड एवं कॉमनवैल्थ खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को राज्य सरकार आरएएस, आरपीएस सहित राज्य सेवा में सीधी नियुक्ति देगी।
एशियाड एवं कॉमनवैल्थ खेलों में रजत एवं कांस्य पदक विजेता, राजस्थान खेल अधिनियम से मान्यता प्राप्त अथवा ओलम्पिक एवं एशियाड में शामिल खेलों के विश्वकप अथवा विश्व चैम्पियनशिप में विजेता एवं उपविजेता, एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप एवं कॉमनवैल्थ खेलों में पदक विजेता, विजेता एवं उपविजेताओं, ओलम्पिक खेलों में क्वालिफाई कर हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों एवं पैरालिम्पिक्स के पदक विजेता खिलाड़ियों को अधीनस्थ सेवाओं में सीधे नियुक्ति मिलेगी। राष्ट्रीय खेलों में सीनियर वर्ग में पदक विजेता, राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में पदक विजेता, विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों एवं पैरालिम्पिक्स में क्वालिफाई कर हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को मंत्रालयिक सेवाओं में नियुक्ति दी जाएगी।
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राठौड़ ने बताया कि जिन खिलाड़ियों को नियुक्ति दी जाएगी उन्हें पांच साल में उस पद के लिए जरुरी शर्तें पूरी करनी होगी। इस संबंध में यह भी तय किया है कि इन नौकरियों के लिए खिलाड़ियों को पदक मिलने के तीन साल के भीतर आवेदन करना होगा। इन पदों के लिए आयु सीमा की बाध्यता नहीं रहेगी।
बैठक में चारागाह भूमि पर खनन की सशर्त मंजूरी देने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए तय किया है खनन के लिए जितनी भूमि का डायवर्जन किया जाएगा उतनी ही सरकारी भूमि चारागाह के नाम की जाएगी। इसके साथ ही खनन पट्टेधारी को 50 हजार रुपए बीघा की दर से राशि पंचायत को देनी होगी। ये राशि गांव के विकास पर खर्च होगी। राठौड़ ने बताया कि जनकल्याण के लिए यदि चारागाह भूमि ली जाएगी तो उसके बदले अब उसी गांव में सरकारी भूमि देने के प्रावधान में बदलाव किया है। ये भूमि अब ग्राम पंचायत क्षेत्र में दी जा सकेगी।
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मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर खेल के क्षेत्र में नाम रोशन करने वाले आउट आॅफ टर्न जाकर नौकरी दी जाएगी। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि ‘राजस्थान आउट ऑफ टर्न अपॉइन्टमेंट टू स्पोर्ट्स विनर्स रूल्स-2017‘ का अनुमोदन किया है। अब राज्य सरकार ओलम्पिक के पदक विजेताओं, एशियाड एवं कॉमनवैल्थ खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को राज्य सरकार आरएएस, आरपीएस सहित राज्य सेवा में सीधी नियुक्ति देगी।
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एशियाड एवं कॉमनवैल्थ खेलों में रजत एवं कांस्य पदक विजेता, राजस्थान खेल अधिनियम से मान्यता प्राप्त अथवा ओलम्पिक एवं एशियाड में शामिल खेलों के विश्वकप अथवा विश्व चैम्पियनशिप में विजेता एवं उपविजेता, एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप एवं कॉमनवैल्थ खेलों में पदक विजेता, विजेता एवं उपविजेताओं, ओलम्पिक खेलों में क्वालिफाई कर हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों एवं पैरालिम्पिक्स के पदक विजेता खिलाड़ियों को अधीनस्थ सेवाओं में सीधे नियुक्ति मिलेगी। राष्ट्रीय खेलों में सीनियर वर्ग में पदक विजेता, राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में पदक विजेता, विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों एवं पैरालिम्पिक्स में क्वालिफाई कर हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को मंत्रालयिक सेवाओं में नियुक्ति दी जाएगी।
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राठौड़ ने बताया कि जिन खिलाड़ियों को नियुक्ति दी जाएगी उन्हें पांच साल में उस पद के लिए जरुरी शर्तें पूरी करनी होगी। इस संबंध में यह भी तय किया है कि इन नौकरियों के लिए खिलाड़ियों को पदक मिलने के तीन साल के भीतर आवेदन करना होगा। इन पदों के लिए आयु सीमा की बाध्यता नहीं रहेगी।
बैठक में चारागाह भूमि पर खनन की सशर्त मंजूरी देने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए तय किया है खनन के लिए जितनी भूमि का डायवर्जन किया जाएगा उतनी ही सरकारी भूमि चारागाह के नाम की जाएगी। इसके साथ ही खनन पट्टेधारी को 50 हजार रुपए बीघा की दर से राशि पंचायत को देनी होगी। ये राशि गांव के विकास पर खर्च होगी। राठौड़ ने बताया कि जनकल्याण के लिए यदि चारागाह भूमि ली जाएगी तो उसके बदले अब उसी गांव में सरकारी भूमि देने के प्रावधान में बदलाव किया है। ये भूमि अब ग्राम पंचायत क्षेत्र में दी जा सकेगी।