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फरिश्ता बनकर आए बीएसएफ के जवान और बचा ली जान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:30 PM IST
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सर्पदंश का शिकार युवक को अस्पताल ले जाते बीएसएफ के जवान
- फोटो : Amar Ujala
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सरहद की सुरक्षा कर रहे बीएसएफ के जवानों ने सामाजिक दायित्व निभाया। इन जवानों की सूझबूझ से सरहदी गांव में रहने वाले एक युवक की जान बच गई।
यह मामला जैसलमेर जिले में जिला मुख्यालय से करीब 250 किमी दूर स्थित भारत-पाक सीमा पर स्थित लोहार की ढाणी का है। बीती रात लोहार की ढाणी निवासी रहीब खां पुत्र जफर खां को सांप ने काट दिया। ढाणी में रहीब खां के उपचार का कोई साधन नहीं था। दरअसल ढाणी के सरहद के नजदीक होने से यहां न तो मेडिकल सुविधा थी और न ही यातायात का साधन। अपने बेटे की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए रहीब खां के पिता जफर खां ने सीमा सुरक्षा बल से मदद मांगी।
सीमा प्रहरियों ने भी सामाजिक दायित्व निभाते हुए मदद प्रारंभ कर दी। जवानों ने सीनियर मेडिकल चिकित्सक से सलाह लेकर उपचार प्रारंभ कर दिया। आपातकाल की स्थिति में सीमा प्रहरियों के पास मौजूद सर्पदंश की दवा से रहीब खां का प्राथमिक उपचार किया। इससे रहीब को राहत मिली। इसके बाद बीएसएफ की एम्बुलेंस से ही बृहस्पतिवार की देर रात्रि में जिला मुख्यालय उपचार के लिए लाया गया। फिलहाल रहीब खां का स्वास्थ्य सामान्य है। ग्रामीणों ने सीमा प्रहरियों के इस कदम की प्रशंसा की है।
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यह मामला जैसलमेर जिले में जिला मुख्यालय से करीब 250 किमी दूर स्थित भारत-पाक सीमा पर स्थित लोहार की ढाणी का है। बीती रात लोहार की ढाणी निवासी रहीब खां पुत्र जफर खां को सांप ने काट दिया। ढाणी में रहीब खां के उपचार का कोई साधन नहीं था। दरअसल ढाणी के सरहद के नजदीक होने से यहां न तो मेडिकल सुविधा थी और न ही यातायात का साधन। अपने बेटे की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए रहीब खां के पिता जफर खां ने सीमा सुरक्षा बल से मदद मांगी।
सीमा प्रहरियों ने भी सामाजिक दायित्व निभाते हुए मदद प्रारंभ कर दी। जवानों ने सीनियर मेडिकल चिकित्सक से सलाह लेकर उपचार प्रारंभ कर दिया। आपातकाल की स्थिति में सीमा प्रहरियों के पास मौजूद सर्पदंश की दवा से रहीब खां का प्राथमिक उपचार किया। इससे रहीब को राहत मिली। इसके बाद बीएसएफ की एम्बुलेंस से ही बृहस्पतिवार की देर रात्रि में जिला मुख्यालय उपचार के लिए लाया गया। फिलहाल रहीब खां का स्वास्थ्य सामान्य है। ग्रामीणों ने सीमा प्रहरियों के इस कदम की प्रशंसा की है।
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