{"_id":"594d1bf04f1c1b89438b4629","slug":"bribery-clerk-sentenced-to-two-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिश्वत लेने वाले लिपिक को दो साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिश्वत लेने वाले लिपिक को दो साल की सजा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 23 Jun 2017 07:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जयपुर में एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने बंदूक का लाइसेंस जारी करने की एवज में रिश्वत लेने वाले सांगानेर तहसील कार्यालय के लिपिक अशोक कुमार सिंधी को दो साल की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही अदालत ने मालवीय नगर निवासी इस अभियुक्त पर बीस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि सर्वदमन सिंह ने अपनी पत्नी सूरज कंवर के नाम बंदूक का लाइसेंस लेने के लिए वर्ष 2002 में तहसील कार्यालय, सांगानेर में आवेदन किया। जहां 23 अक्टूबर 2002 को अभियुक्त ने दो सौ रुपए लेकर पुलिस सत्यापन के लिए परिवादी को प्रार्थना पत्र दिया। परिवादी की ओर से 30 अक्टूबर 2002 को पुलिस सत्यापन करवाकर प्रार्थना पत्र अभियुक्त को लौटाया। इस पर अभियुक्त ने स्वयं और तहसीलदार के लिए पन्द्रह सौ रुपए की रिश्वत मांगी। शिकायत करने पर एसीबी ने 16 दिसंबर 2002 को अभियुक्त को चौदह सौ रुपए रिश्वत लेते ट्रैप किया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि सर्वदमन सिंह ने अपनी पत्नी सूरज कंवर के नाम बंदूक का लाइसेंस लेने के लिए वर्ष 2002 में तहसील कार्यालय, सांगानेर में आवेदन किया। जहां 23 अक्टूबर 2002 को अभियुक्त ने दो सौ रुपए लेकर पुलिस सत्यापन के लिए परिवादी को प्रार्थना पत्र दिया। परिवादी की ओर से 30 अक्टूबर 2002 को पुलिस सत्यापन करवाकर प्रार्थना पत्र अभियुक्त को लौटाया। इस पर अभियुक्त ने स्वयं और तहसीलदार के लिए पन्द्रह सौ रुपए की रिश्वत मांगी। शिकायत करने पर एसीबी ने 16 दिसंबर 2002 को अभियुक्त को चौदह सौ रुपए रिश्वत लेते ट्रैप किया।
विज्ञापन