{"_id":"58f9a8f24f1c1bb24d470999","slug":"bmw-hit-and-run-case-in-jaipur-summoned-police-officials","type":"story","status":"publish","title_hn":"BMW हिट-रन केस: विधायक पुत्र के परिवाद पर पुलिस कमिश्नर तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
BMW हिट-रन केस: विधायक पुत्र के परिवाद पर पुलिस कमिश्नर तलब
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 21 Apr 2017 02:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जयपुर में BMW हिट एंड रन मामले में विधायक पुत्र सिद्धार्थ महरिया के परिवाद पर निचली अदालत ने पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध प्रसंज्ञान लिया है। अदालत ने 20 हजार रुपए के जमानती वारंट जारी कर जयपुर पुलिस कमिश्नर सहित अन्य पुलिस अधिकारियों को 20 मई को तलब किया है।
महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-11 ने पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल, एडिशनल पुलिस कमिश्नर प्रफुल्ल कुमार व डीसीपी साउथ मनीष अग्रवाल, एडिश्नल डीसीपी साउथ योगेश गोयल और एसीपी अशोक नगर रामगोपाल सहित अन्य पुलिसकर्मीयों के विरुद्ध प्रसंज्ञान लेते हुए तलब करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में सिद्धार्थ महरिया की ओर से अदालत में परिवाद दायर किया गया था। इसमें सिद्धार्थ ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवैध हिरासत में रखकर मारपीट करने और झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया था। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने ये आदेश दिए।
गौरतलब है कि गत वर्ष सिद्धार्थ महरिया की कार से हुई कुछ लोगों की मौत को लेकर पुलिस ने महरिया सहित दो अन्य आरोपियों के खिलाफ निचली अदालत में आरोप पत्र पेश किया था। जिस पर अदालत ने प्रसंज्ञान लेते हुए न्यायिक कार्रवाई आरंभ की थी।
विज्ञापन
निचली अदालत की ओर से लिए प्रसंज्ञान आदेश को महरिया की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता के पिता निर्दलीय विधायक हैं। ऐसे में भाजपा सरकार ने राजनीतिक द्वेषता के चलते दुर्घटना को गैर इरादतन हत्या का रूप देकर याचिकाकर्ता को फंसा रही है।
हालांकि, गत 19 अप्रैल को मामले में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वह याचिका वापस लेकर इसमें उठाए बिंदु ट्रायल कोर्ट में चार्ज बहस के समय उठाना चाहता है। ऐसे में याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए। इस पर अदालत ने याचिकाकर्ता महरिया को अनुमति देते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया था।
विज्ञापन
महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-11 ने पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल, एडिशनल पुलिस कमिश्नर प्रफुल्ल कुमार व डीसीपी साउथ मनीष अग्रवाल, एडिश्नल डीसीपी साउथ योगेश गोयल और एसीपी अशोक नगर रामगोपाल सहित अन्य पुलिसकर्मीयों के विरुद्ध प्रसंज्ञान लेते हुए तलब करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में सिद्धार्थ महरिया की ओर से अदालत में परिवाद दायर किया गया था। इसमें सिद्धार्थ ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवैध हिरासत में रखकर मारपीट करने और झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया था। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने ये आदेश दिए।
विज्ञापन
गौरतलब है कि गत वर्ष सिद्धार्थ महरिया की कार से हुई कुछ लोगों की मौत को लेकर पुलिस ने महरिया सहित दो अन्य आरोपियों के खिलाफ निचली अदालत में आरोप पत्र पेश किया था। जिस पर अदालत ने प्रसंज्ञान लेते हुए न्यायिक कार्रवाई आरंभ की थी।
विज्ञापन
निचली अदालत की ओर से लिए प्रसंज्ञान आदेश को महरिया की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता के पिता निर्दलीय विधायक हैं। ऐसे में भाजपा सरकार ने राजनीतिक द्वेषता के चलते दुर्घटना को गैर इरादतन हत्या का रूप देकर याचिकाकर्ता को फंसा रही है।
हालांकि, गत 19 अप्रैल को मामले में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वह याचिका वापस लेकर इसमें उठाए बिंदु ट्रायल कोर्ट में चार्ज बहस के समय उठाना चाहता है। ऐसे में याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए। इस पर अदालत ने याचिकाकर्ता महरिया को अनुमति देते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया था।