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तीन महीने में पांच नेताओं का निधन, मुश्किल में आई भाजपा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 27 Oct 2017 06:38 PM IST
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- फोटो : FILE PHOTO
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राजस्थान में भाजपा के लिए पिछले तीन महीने भारी साबित हुए हैं। इस दौरान भाजपा ने दो सांसद, एक विधायक और दो वरिष्ठ नेता खो दिए। इनके निधन से भाजपा का जातीय समीकरण भी बिगड़ता नजर आ रहा है।
आज भरतपुर—धौलपुर में जाट राजनीति में पैठ रखने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ.दिगंबर सिंह के निधन से राजस्थान में भाजपा को जबरदस्त धक्का लगा है। वे बीसूका के भी उपाध्यक्ष थे। कैंसर की बीमारी के कारण उनका आज जयपुर में निधन हो गया था। राजनीति के जानकारों के अनुसार, डॉ.सिंह के निधन से भरतपुर समेत डांग क्षेत्र में भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इससे पहले अजमेर से सांसद प्रो. सांवरलाल जाट के निधन से भी भाजपा को बड़ा झटका लगा है। उनका निधन पिछले दिनों मेदांता अस्पताल में हो गया था। उनका प्रभाव किसान और जाटों में था।
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अलवर से सांसद महंत चांदनाथ का भी निधन पिछले तीन महीनों में हुआ। लंबे समय से बीमार रहने के कारण चांदनाथ अपने चुनावी क्षेत्र में सक्रिय नहीं रह पाए जिसका फायदा उपचुनाव में उठाने के लिए कांग्रेस पूरी तैयारी कर रही है। इसी तरह भीलवाड़ा के मांडलगढ़ से विधायक कीर्ति कुमारी और राजस्थान खादी बोर्ड के चेयरमैन शंभूराम बड़गुजर के निधन से भी भाजपा को सदमा लगा है।
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आज भरतपुर—धौलपुर में जाट राजनीति में पैठ रखने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ.दिगंबर सिंह के निधन से राजस्थान में भाजपा को जबरदस्त धक्का लगा है। वे बीसूका के भी उपाध्यक्ष थे। कैंसर की बीमारी के कारण उनका आज जयपुर में निधन हो गया था। राजनीति के जानकारों के अनुसार, डॉ.सिंह के निधन से भरतपुर समेत डांग क्षेत्र में भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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इससे पहले अजमेर से सांसद प्रो. सांवरलाल जाट के निधन से भी भाजपा को बड़ा झटका लगा है। उनका निधन पिछले दिनों मेदांता अस्पताल में हो गया था। उनका प्रभाव किसान और जाटों में था।
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अलवर से सांसद महंत चांदनाथ का भी निधन पिछले तीन महीनों में हुआ। लंबे समय से बीमार रहने के कारण चांदनाथ अपने चुनावी क्षेत्र में सक्रिय नहीं रह पाए जिसका फायदा उपचुनाव में उठाने के लिए कांग्रेस पूरी तैयारी कर रही है। इसी तरह भीलवाड़ा के मांडलगढ़ से विधायक कीर्ति कुमारी और राजस्थान खादी बोर्ड के चेयरमैन शंभूराम बड़गुजर के निधन से भी भाजपा को सदमा लगा है।
उप चुनाव में इन मुद्दों का होगा सामना
वसुंधरा राजे
इन उप चुनावों में भाजपा को महंगाई और जीएसटी के साथ-साथ राजस्थान में आए दंड विधियां अध्यादेश को लेकर उपजे विवाद और किसानों के कर्ज माफी के मुद्दे को लेकर जनता के सामने जाना होगा।
उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल सक्रिय हो गए है। कांग्रेस ने कर्जमाफी और अफसरों एवं जनप्रतिनिधियों को संरक्षण देने वाले विवादित बिल पर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश कर रही हैं। विधानसभा में इन मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा हुआ था।
उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल सक्रिय हो गए है। कांग्रेस ने कर्जमाफी और अफसरों एवं जनप्रतिनिधियों को संरक्षण देने वाले विवादित बिल पर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश कर रही हैं। विधानसभा में इन मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा हुआ था।